Friday, December 2, 2022
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी में महीने भर चलने वाले ‘काशी तमिल संगमम’ का उद्घाटन करेंगे

धर्मेन्द्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के काशी दौरे से पहले की गई सटीक व्यवस्था का जायजा लिया  

वाराणसी (जनवार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 नवंबर को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में महीने भर चलने वाले ‘काशी तमिल संगमम’ नामक विशिष्‍ट आयोजन का उद्घाटन करेंगे। ‘काशी तमिल संगमम’ का आयोजन 17 नवंबर से 16 दिसंबर, 2022 तक वाराणसी (काशी) में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य देश के दो सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन ज्ञान केंद्रों तमिलनाडु एवं काशी के बीच सदियों पुरानी कड़ियों को फिर से तलाशना, उनकी पुन: पुष्टि करना और उनका उत्सव मनाना है।  
 केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान प्रधानमंत्री के काशी दौरे से पहले की गई समस्‍त व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए वाराणसी में इस आयोजन की तैयारियों की सक्रियता से निगरानी कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने ‘काशी तमिल संगमम’ का सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए रेल मंत्री, भारत सरकार, तमिलनाडु के राज्यपाल, उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ बैठकें कीं।
‘काशी तमिल संगमम’ का आयोजन शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अन्य मंत्रालयों जैसे कि संस्कृति, वस्‍त्र, रेल, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना व प्रसारण मंत्रालयों और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से किया जा रहा है।

इस आयोजन का उद्देश्य इन दोनों ही क्षेत्रों के विद्वानों, छात्रों, दार्शनिकों, व्यापारियों, कारीगरों, कलाकारों और जीवन के अन्य क्षेत्रों के लोगों को एकजुट होने, अपने ज्ञान, संस्कृति व सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और एक दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर प्रदान करना है। यह आयोजन दरअसल एनईपी 2020 के तहत भारतीय ज्ञान प्रणालियों की मूल्‍यवान सामग्री को ज्ञान की आधुनिक प्रणालियों के साथ एकीकृत करने पर विशेष जोर देने के अनुरूप है।

इस विशिष्‍ट आयोजन के लिए आईआईटी मद्रास और बीएचयू दो कार्यान्वयन एजेंसियां हैं।
छात्र, शिक्षक, साहित्य, संस्कृति, शिल्प, अध्यात्म, विरासत, व्यवसाय, उद्यमी, पेशेवर आदि  सहित 12 श्रेणियों के तहत तमिलनाडु के 2500 से अधिक प्रतिनिधि वाराणसी के आठ दिवसीय दौरे पर जाएंगे। वे 12 श्रेणियों में से प्रत्येक के लिए क्यूरेट किए गए विशेष कार्यक्रमों में सेमिनारों, व्‍याख्‍यानों में हिस्‍सा लेंगे और विभिन्‍न स्‍थानों की यात्रा करेंगे ताकि उसी व्यापार, पेशे से जुड़े और उनके जैसी रुचि रखने वाले स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर सकें। प्रतिनिधि प्रयागराज व अयोध्या सहित वाराणसी और उसके आसपास के दर्शनीय स्थलों का भी दौरा करेंगे। बीएचयू और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र शैक्षणिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वे दो क्षेत्रों में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित तुलनात्मक कार्य प्रणालियों का अध्ययन करेंगे और अध्‍ययनों का दस्तावेजीकरण करेंगे। 200 छात्रों के प्रतिनिधियों के पहले समूह ने 17 नवम्‍बर को चेन्नई से अपना दौरा शुरू किया। उनकी ट्रेन को तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने चेन्नई रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लाभ के लिए वाराणसी में दो क्षेत्रों के हथकरघा, हस्तशिल्प, ओडीओपी उत्पादों, पुस्तकों, वृत्तचित्रों, व्यंजनों, कला रूपों, इतिहास, पर्यटन स्थलों आदि की एक महीने लंबी प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री तमिलनाडु से आने वाले प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे।

उद्घाटन समारोह में इलैयाराजा द्वारा गायन और पुस्तक विमोचन जैसे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिलेंगे।

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