महिलाओं के निजी वीडियो रिकॉर्ड करने वाला महंत कहां है गायब? देखें पूरी रिपोर्ट

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नई दिल्ली। मुरादनगर के गंगनहर घाट पर बने छोटा हरिद्वार के पापी महंत मुकेश गोस्वामी का 25 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। मुकेश गोस्वामी के ऊपर पिछले महीने 21 मई को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उसकी पोल उस वक्त खुली, जब अपनी बेटी के साथ घाट पर नहाने गई मुरादनगर कस्बे की एक महिला की नजर चेंजिंग रूम के ऊपर लगे सीसीटीवी कैमरे पर पड़ी। महिला ने जब इस बारे में महंत से पूछा तो उसने उलटे महिला के साथ ही अभद्रता की। इसके बाद महिला मुरादनगर थाने पहुंचे और महंत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, इस मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। आइए जानते हैं कि पिछले 25 में दिनों में इस केस में क्या क्या हुआ।

मुकेश गोस्वामी के ऊपर एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस की टीम उसी दिन घाट पर पहुंची और चेंजिंग रूम की जांच की। इस दौरान टीम ने मुकेश से उसका मोबाइल ले लिया। हालांकि, जब पुलिस सीसीटीवी कैमरों और चेंजिंग रूम की जांच कर रही थी तो मौका देखकर मुकेश गोस्वामी फरार हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग चेक की, तो दो दिनों की फुटेज में ही 75 महिलाओं के वीडियो मिले। चेंजिंग रूम के कैमरे की लाइव फीड मुकेश गोस्वामी के मोबाइल पर कनेक्ट थी।

महंत की अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर
ये पहली बार नहीं था, जब छोटा हरिद्वार का ये महंत विवादों में फंसा। साल 2019 में मुकेश गोस्वामी ने गंगनहर के किनारे वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर करीब 10-11 दुकानें बना ली थीं। मामले में वन विभाग की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई, लेकिन मुकेश बेखौफ होकर इन दुकानों को किराए पर देकर अवैध कमाई करता रहा। हालांकि, वीडियो रिकॉर्डिंग के मामले में एफआईआर दर्ज होने के 48 घंटों के भीतर ही वन विभाग और मुरादनगर प्रशासन की टीम ने बुलडोजर चलाकर उसकी सभी अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया।

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24 मई, मुकेश के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच
महंत मुकेश गोस्वामी फरार होने से पहले अपना मोबाइल साथ लेकर नहीं गया था। उसे डर था कि अगर वो मोबाइल लेकर गया, तो पुलिस सर्विलांस के जरिए उसे पकड़ लेगी। 24 मई को जब एक्सपर्ट ने उसके मोबाइल की जांच की, तो उसमें दो सीक्रेट फोल्डर मिले। इन फोल्डर के नाम हरिद्वार और छोटा हरिद्वार थे। ऐसे में एक डर ये भी था कि कहीं मुकेश ने अपने मोबाइल से वीडियो किसी दूसरे मोबाइल या लैपटॉप पर ट्रांसफर तो नहीं किए। जांच के लिए पुलिस ने मुकेश के मोबाइल को लैब में भिजवा दिया।

यूपी सहित दूसरे राज्यों में तलाश
मुकेश गोस्वामी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके परिजनों से पूछताछ की, लेकिन कोई ऐसी जानकारी नहीं मिली, जिससे उसका सुराग मिल सके। इसके बाद पुलिस ने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और वाराणसी में भी उसकी तलाश की। एक आशंका उसके उत्तराखंड भागने की भी थी, इसलिए पुलिस की एक टीम हरिद्वार भी गई, लेकिन मुकेश का सुराग नहीं मिला। पुलिस का कहना है मुकेश गोस्वामी की तलाश लगातार जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि मुकेश गोस्वामी बेहद शातिर है और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है।


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