बाजार में तेजी के बीच CJI चंद्रचूड़ ने सेबी और सैट को क्यों दी सतर्क रहने की सलाह

बाजार में तेजी के बीच CJI चंद्रचूड़ ने सेबी और सैट को क्यों दी सतर्क रहने की सलाह
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नई दिल्ली। बाजार में लगातार तेजी के बीच भारत के चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ ने गुरुवार को बाजार नियामक सेबी और सैट को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सीजीआई ने अधिक न्यायाधिकरण पीठों की भी वकालत की ताकि इनकी स्थिर नींव सुनिश्चित की जा सके। 4 जून को आए चुनाव परिणाम के बाद सेंसेक्स 10 हजार अंक चढ़ चुका है। बुधवार को पहली बार सेंसेक्स 80 हजार का आंकड़ा छू गया।

नए प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) परिसर का उद्घाटन करते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने अधिकारियों से सैट की नई पीठें खोलने पर विचार करने का आग्रह किया। क्योंकि बहुत ज्यादा लेन-देन तथा नए नियमों के कारण कार्यभार बढ़ गया है।

हर कोई अपना “संतुलन व धैर्य” बनाए रखे: CJI
बीएसई के 80,000 अंक का आंकड़ा पार करने को उल्लास से भरा क्षण बताने वाली खबरों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं नियामक प्राधिकरणों के लिए यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देती हैं कि जीत के बीच हर कोई अपना ‘‘संतुलन व धैर्य’’ बनाए रखे।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने आगे कहा, “आप शेयर बाजार में जितनी अधिक तेजी देखेंगे, मेरा मानना ​​है कि सेबी तथा सैट की भूमिका उतनी ही अधिक होगी। ये संस्थान सतर्कता बरतेंगे, सफलताओं का जश्न मनाएंगे लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि इसकी नींव स्थिर रहे।” उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और सैट जैसे अपीलीय मंच के स्थिर तथा पूर्वानुमानित निवेश वातावरण को बढ़ावा देने के पीछे उनका “अत्यधिक राष्ट्रीय महत्व” हैं।

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सैट में 1,028 अपीलें लंबित
सैट के पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्ति पी। एस। दिनेश कुमार ने कहा कि सैट में 1,028 अपीलें लंबित हैं। 1997 में अपनी स्थापना के बाद से इसने 6,700 से अधिक अपीलों का निपटारा किया है।

मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि वित्तीय क्षेत्र में समय पर कार्रवाई और त्रुटियों को सुधारना बेहद महत्वपूर्ण है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने सैट की नई वेबसाइट करते हुए कहा कि डिजिटल क्षेत्र में प्रगति के साथ न्याय तक पहुंच की अवधारणा पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।


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