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पहलवानों की धरना हुई ख़त्म

नई दिल्ली । Wrestlers Protest रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों द्वारा बीते तीन दिनों से चलाया जा रहा धरना आज खत्म (Wrestlers Protest Called off) हो गया। पहलवानों द्वारा जंतर-मंतर पर किए गए प्रदर्शन के पीछे की मुख्य वजह बृजभूषण पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप था। देश के लगभग 30 बड़े पहलवानों ने उनपर यौन उत्पीड़न और कुश्ती संघ में अनियमितता करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, अब उन पर लगे आरोपों की जांच के लिए खेल मंत्रालय ने समिति गठित करने की घोषणा की है। आइए जानें शुरुआत से अब तक मामले में क्या-क्या हुआ।

18 जनवरी से धरने की शुरुआत
इस मामले की शुरुआत उस समय हुई जब तीन बार की कॉमनवेल्थ मेडल विजेता विनेश फोगाट ने रोते हुए भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। हालांकि सांसद ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

इसके बाद विनेश का साथ देते हुए ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और 30 बड़े पहलवानों ने इकट्ठा होकर जंतर मंतर पर धरना देना शुरू कर दिया। सभी ने बृजभूषण पर लगे आरोपों को सही बताया और कहा कि समय आने पर इसके सबूत भी दिए जाएंगे।
धरने में पहलवानों में बृजभूषण का इस्तीफा और कुश्ती संघ को भंग करने तक की मांगे रखी।
19 जनवरी को सरकार का हस्तक्षेप
धरने के दूसरे दिन कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक विजेता और भाजपा सांसद बबिता फोगाट जंतर-मंतर पहुंची। उन्होंने सभी पहलवानों से बाद कर आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ है और उन्हें पूरा इनसाफ मिलेगा। इसके बाद भी पहलवान नहीं माने और धरना जारी रखा।
दूसरे दिन कई अलग-अलग नेता भी इस धरने में शामिल हुए। इस बीच धरने में पहुंची सीपीआईएम नेता वृंदा करात को पहलवानों ने मंच पर आने से रोक दिया और मामले को राजनीतिक रूप न देने की अपील की। इस बीच उन्हें कई और पहलवानों का साथ मिला और हरियाणा की कई खापों ने भी इनसाफ की मांग की। इस बीच पहलवान अंशु मलिक ने आरोप लगाते हुए कहा कि बृजभूषण प्रतियोगिताओं के दौरान गर्ल्स होस्टल में भी आते थे।
पहलवानों ने धरने के दूसरे दिन खेल मंत्रालय के सामने अपनी बात रखने की मांग की, जिसे की मान लिया गया। देर शाम पहलवान खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बैठक करने पहुंचे और कई घंटों तक चली ये बैठक बेनतीजा रही। पहलवान बृजभूषण के इस्तीफे पर अड़े रहे।
20 जनवरी- पहलवानों ने तीसरे दिन भी धरना जारी रखा
पहलवानों ने तीसरे दिन भी अपना धरना जारी रखा और एक बार फिर बृजभूषण के इस्तीफे और सरकार से कुश्ती संघ भंग करने की मांग की। इस बीच मामला बढ़ता देख पीटी उषा के नेतृत्व में भारतीय ओलंपिक संघ ने संज्ञान लेते हुए बृजभूषण की जांच के लिए मैरी कॉम की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय पैनल का गठन किया।
इससे पहले सुबह बृजभूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की घोषणा की थी, जिसका समय दो बार बढ़ाने के बाद आखिर में रद कर दी गई। हालांकि, बृजभूषण आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए इस्तीफा न देने पर अड़े रहे।
इसके बाद 20-21 जनवरी की देर रात एक बार फिर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ पहलवानों ने वार्ता की, जो की सफल रही और पहलवानों ने धरना खत्म कर लिया। मंत्री ने बृजभूषण पर लगे आरोपों की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही है। समिति में कम से कम तीन लोग होंगे। मंत्रालय आज समिति के सदस्यों की घोषणा करेगा।

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