चंदौसी कोल्ड स्टोरेज हादसा, 30 घंटे चला रेस्क्यू, 14 मौत, 10 लोगों को बचाया, पुलिस ने दोनों मालिक किए गिरफ्तार

चंदौसी कोल्ड स्टोरेज हादसा, 30 घंटे चला रेस्क्यू, 14 मौत, 10 लोगों को बचाया, पुलिस ने दोनों मालिक किए गिरफ्तार
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चंदौसी । संभल के इतिहास की इसे बड़ी ही नहीं ऐसी घटना मानी जा सकती है, जो न पहले हुई और न ही इतना लंबा बचाव अभियान चला हो। संभल में कोल्ड स्टोरेज का चैंबर गिरने के बाद जीवित लोगों के लिए शुरू हुआ बचाव अभियान अगले दिन शाम को सवा चार बजे तक जारी रहा। यानी तीस से सवा तीस घंटे तक यह अभियान लगातार तब तक चला, जब तक कि प्रशासन को उनकी संख्या नहीं मिल गई। यानी प्रशासनिक सूची में 24 नाम थे और सवा तीस घंटे बाद जब यह संख्या पूरी हुई तो अभियान का स्वरूप बदल दिया गया। पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज के मालिक दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।

गैर इरादतन हत्या का है आरोप
चंदौसी के एआर कोल्ड स्टोरेज हादसे में पुलिस दो मालिक अंकुर अग्रवाल और रोहित अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी है। ओवर लोडिंग को लेकर मंडल के कोल्ड स्टोरेज की जांच शुरू कर दी गई। उद्यान विभाग की टीम के साथ संबंधित तहसील के एसडीएम भी हैं। कोल्ड स्टोरेज का चैंबर गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई थी।

24 लाेगों ने छोड़ दी थी जीने की उम्मीद
आसपास के लोगों की माने तो इस क्षेत्र ही नहीं पूरे जनपद में ऐसी वारदात पहली बार हुई है, जिसमें इतने लोग दबे और लंबे प्रयास के बाद मिले तो भी उसमें से तमाम के जीवन की डोर टूट चुकी थी। गुरुवार को तकरीबन 11 बजे के करीब जब चैंबर गिरा तो उसके अंदर रहने वाले तमाम लोग किसी तरह से भागकर अपनी जान बचाई। चौकीदार जिसे सबकी मदद करनी चाहिए था वह भी भागकर गेट से बाहर आ गया। दो और लोग भी ऐसे थे जो समय की नजाकत भांपकर बाहर आ गए।

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छत के नीचे दबे थे 24 लोग
कुछ ही मिनट के अंतराल में छत के नीचे व आलू की बोरियों में 24 लोग दब गए। इन लोगों ने जीवन की उम्मीद भी छोड़ दी होगी, लेकिन प्रशासन ने स्थिति की नजाकत को भांपकर बचाव अभियान शुरू करा दिया। पहले दिन तो अभियान की गति धीमी रही क्यों कि जीवित होने की गुंजाइश ज्यादा रही। रात आठ बजे तक प्रशासन ने दो शव निकाले, जबकि 11 जीवित को बाहर निकाल कर अस्पताल भेज दिया।

रात में अभियान चला तो दो और शव मिले। सुबह के समय एक साथ कुछ मिनटों के अंतराल पर चार शव मिले और संख्या आठ तक पहुंच गई। यह स्थिति जारी रही और शाम को सवा चार बजे से साढे चार बजे के बीच यह रेस्क्यू अभियान रोका। इसके बाद तो अब मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया गया। चूंकि प्रशासन को भी पूरा विश्वास हो गया कि अब अंदर कोई भी व्यक्ति नहीं फंसा है।


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