दलित भाइयों से धोखाधड़ी कर बैनामा करा ली लाखों की जमीन,कीमत के बदले थमाया फर्जी चेक, पिता-पुत्र सहित तीन पर एफआईआर:

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सोनभद्र । राबटर्सगंज कोतवाली क्षेत्र के चुर्क पुलिस चौकी अंतर्गत रौप गांव में धोखाधड़ी के जरिए दलित तबके के चार सगे भाइयों से लाखों के कीमत वाली जमीन बैनामा कराए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 27 लाख कीमत वाली जमीन के बैनामे के एवज में चंद लाख के चेक थमाए गए। वह भी चेक किसी और के एकांउट का और हस्ताक्षर किसी और का.. निकला। वर्ष भर पूर्व इस मामले में अब कोर्ट के हस्तक्षेप पर राबटर्सगंज कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है। प्रकरण में पूर्व प्रधान राजकुमार, प्रधान रह चुकीं उनकी पत्नी शिवकुमारी और पुत्र चंद्रजीत यादव के खिलाफ धारा 419, 420, 406, 506 आईपीसी और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।

  • यह बताया जा रहा पूरा मामला:
    रौप गांव निवासी सीताराम ने प्रार्थना पत्र में बताया है कि वह पढ़ा लिखा नहीं है, केवल अंगूठा निशान लगाना जानता है। रौप गांव में उसके और उसके तीन भाइयों के नाम से थोड़ी सी जमीन थी, जिसे वह आवश्यक कार्य पड़ जाने की वजह से बेच रहा था। पूर्व प्रधान राजकुमार यादव ने उन लोगों से 27 लाख में जमीन खरीदने की बात तय की। इसके क्रम में, 16 जून 2023 को उसे और उसके भाइयों को सब रजिस्ट्रार दफ्तर ले गए वहां उनसे दस्तावेज पर अंगूठा लगवाया गया। आरोपों के मुताबिक पूर्व प्रधान ने अपने बेटे के नाम जमीन बैनामा लेने की जानकारी देते हुए कहा कि, जमीन की कीमत वह चेक के जरिए अदा कर दे रहा है। इसके लिए पांच अलग-अलग एसबीआई के चेक दिए गए। एक चेक का खाता संख्या गलत दिख दिया। कहा गया कि इस चेक को 10 दिन बाद बैंक में लगाना है। 10 दिन बाद जब वह एसबीआई के राबर्ट्सगंज शाखा पर पहुंचे तो बताया कि चेक शिवकुमारी के बैंक एकाउंट पर जारी किए गए हैं जबकि उस पर हस्ताक्षर राजकुमार यादव के हैं। पूर्व प्रधान के यहां जाकर जब इस पर एतराज जताया तो कहा गया कि दूसरा चेक दे देंगे लेकिन चेक अब तक नहीं मिला।
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न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया केस:
दिसंबर 2023 में पुलिस से गुहार लगाई गई। मदद नहीं मिली तो जनवरी 2024 में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया। मामले को गंभीर प्रकृति का पाते हुए पिछले दिनों राबटर्सगंज कोतवाली को एफआईआर दर्ज कर विवेचना का आदेश पारित किया गया। पुलिस के मुताबिक लगाए गए आरोपों को दृष्टिगत रखते हुए, राजकुमार यादव, उसकी पत्नी शिवकुमारी और पुत्र चंद्रजीत के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण की छानबीन जारी है।


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