Wednesday, July 6, 2022
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मानसिक चिकित्सालय में फिर एक पेशेंट की मौत;एक हफ्ते में पांच मरीजों की जान गई

Updated on 15/June/2022 1:58:15 PM

वाराणसी। वाराणसी के पांडेयपुर स्थित मानसिक चिकित्सालय में भर्ती मनोरोगियों की मौत का सिलसिला जारी है। बुधवार की सुबह एक और महिला मरीज की मौत हो गई। इस तरह से बीते एक हफ्ते में पांच मरीजों की जान जा चुकी है। इसके अलावा एक बंदी यहां की सुरक्षा व्यवस्था को धता देकर भाग चुका है। साथ ही, एक बंदी कर्मचारियों की पिटाई से गंभीर रूप से घायल हो चुका है। यह घटनाएं इतना बताने के लिए पर्याप्त हैं कि वाराणसी का मानसिक चिकित्सालय दुर्व्यवस्थाओं का शिकार है और यहां के कर्मचारियों की कार्यशैली गंभीर सवालों के घेरे में है।

डॉक्टर नहीं थे तब हुई मौत
मानसिक चिकित्सालय में भर्ती महिला कहां की रहने वाली थी और उसका क्या नाम था, इस संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि महिला को वाराणसी के सीजेएम के आदेश से भर्ती किया गया था। मंगलवार की रात महिला की तबीयत खराब हुई तो अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मौजूद था और उसे किसी अन्य अस्पताल के लिए भी रेफर नहीं किया गया। उचित उपचार के अभाव में महिला की मौत हो गई। वहीं, चिकित्सालय की निदेशिका लिली श्रीवास्तव का कहना है कि पहली नजर में यह प्रतीत हो रहा है कि गर्मी के कारण मरीजों की मौत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी तो स्पष्ट होगा कि मौत की वजह क्या थी।

कल दो मरीजों की मौत हुई थी
मानसिक चिकित्सालय में भर्ती सारनाथ क्षेत्र की श्रेया (34) की मंगलवार को मौत हो गई थी। श्रेया की मौत की सूचना मिलने पर उसके परिजनों ने मानसिक अस्पताल की निदेशक डॉ. लिली श्रीवास्तव और इलाज करने वाले डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया था। इसके कुछ देरी बाद आजमगढ़ से आए एक अन्य मरीज की मौत हो गई थी। उसकी उम्र लगभग 50 वर्ष थी। मानसिक स्थिति सही न होने के कारण वह अपना नाम और पता नहीं बता पाया था। उसे आजमगढ़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से भर्ती कराया गया था।

9-10 जून को हुई थी दो बंदियों की मौत
मानसिक चिकित्सालय में भर्ती बांदा जिले का कैदी हरिशंकर बीती 8 जून को सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर भाग गया था। इसके बाद अस्पताल कर्मियों द्वारा एक बंदी की पिटाई की गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। 9 जून को बांदा से आए हुए बंदी राहुल उपाध्याय की मौत हो गई थी। इसके एक ही दिन बाद बस्ती जिले के प्राइवेट मरीज दिलीप मिश्रा की मौत हो गई थी।

CMO और ADM प्रोटोकॉल को मिली खामियां
मानसिक चिकित्सालय में मरीजों की मौतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने मंगलवार को ADM प्रोटोकॉल और CMO की जांच समिति गठित की थी। दोनों अधिकारी जांच करने पहुंचे तो उन्हें अस्पताल में तमाम खामियां मिली थीं। दोनों अफसरों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल में मिली खामियों के संबंध में अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।

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