वेद इंटरनेशनल स्कूल में उत्साह पूर्वक मनाया गया शिक्षक दिवस
गाजीपुर (जनवार्ता)। 5 सितंबर को राजपत्रित अवकाश घोषित होने के कारण 4 सितंबर को क्षेत्र के बासू पुर स्थित वेद इंटरनेशनल स्कूल में भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, द्वितीय राष्ट्रपति ,भारत रत्न डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस 5 सितंबर शिक्षक दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह की प्रार्थना सभा में आकर्षक रूप से सजाए गए विद्यालय के प्रांगण में विद्यालय के छात्रों ने सरस्वती वंदना, मां सरस्वती तथा डॉक्टर सर्वपल्ली राधा कृष्णन की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के बाद आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। डॉ राधाकृष्णन जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित संभाषण के साथ-साथ छात्रों ने अपने अध्यापकों पर आधारित काव्यात्मक पहेली परक प्रश्न पूछे जिसका उत्तर विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक दिया। विद्यालय संचालन और उसकी चुनौतियों से अपने वरिष्ठ छात्रों को परिचित कराने के उद्देश्य से विद्यालय प्रबंधन के निर्देश पर वरिष्ठ छात्रों ने स्कूल की सभी कक्षाओं का संचालन किया। तत्पश्चात विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी अपनी कक्षाओं को आकर्षक रूप से सुसज्जित किया। विद्यार्थियों ने विद्यालय के चेयरमैन अनिल कुमार श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक पंकज प्रकाश श्रीवास्तव, चीफ वाइस प्रिंसिपल रितेश कुमार मिश्रा, अनुदेशिका अपूर्वा सिन्हा तथा अन्य अध्यापकों की उपस्थिति में केक काटकर तथा हस्त निर्मित उपहार भेंट कर अपने अध्यापकों का स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न कक्षाओं में भ्रमण के दौरान चेयरमैन अनिल कुमार श्रीवास्तव और प्रबंध निदेशक पंकज श्रीवास्तव विद्यालय की शिशु वर्ग की कक्षाओं में पहुंचे। वहां उन्होंने नन्हे मुन्ने छात्रों से डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बारे में कई प्रश्न पूछे।


छात्रों ने स्पष्ट उच्चारण के साथ आश्चर्य जनक ढंग से प्रश्नों के उत्तर दिए जिससे प्रफुल्लित प्रबंध निदेशक ने छात्रों का उत्साह वर्धन किया। सीनियर कक्षा के छात्रों ने हर्षोल्लास तथा करतल ध्वनि के साथ अपने अध्यापकों का स्वागत किया । प्रबंध निदेशक महोदय ने आगामी बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों को उद्बोधित करते हुए चीफ वाइस प्रिंसिपल रितेश कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को अनुशासित रहते हुए अपने शिक्षकों का अनुकरण करने की नसीहत दी। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा”शिक्षक समाज की आत्मा होते हैं जो केवल ज्ञान ही नहीं अपितु संस्कार और जीवन मूल्यों का भी संचार करते हैं।

शिक्षक का सच्चा उद्देश्य विद्यार्थियों को योग्य नागरिक बनाना है।शिक्षक ही एकमात्र ऐसा जीव है जो अपने विद्यार्थियों के उन्नति से प्रसन्न होता है। उक्त अवसर पर अपने उद्बोधन में विद्यालय के प्रबंध निदेशक पंकज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा “शिक्षा वह दीपक है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है ।शिक्षक दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि आभार प्रकट करने का अवसर है। हमें सदैव अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए क्योंकि उनके मार्गदर्शन से ही भविष्य का निर्माण संभव है।” उक्त अवसर पर शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करते हुए विद्यालय के चेयरमैन ने कहा “शिक्षण एक ललित कला है और शिक्षक संस्कारों की प्रयोग शाला। ईश्वर की सुंदरतम कृति मानव को समाज में सम्मान और पहचान दिलाने का दायित्व एकमात्र शिक्षक का है। शिक्षक साधारण व्यक्ति नहीं होता। निर्माण और प्रलय दोनों उसकी गोद में खेलते हैं और वह भविष्य के समाज का दर्पण होता है”। शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव ने सभी अध्यापकों और कर्मचारियों को उपहार भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। काफी दिनों बाद अपने अभिभावक आदरणीय चेयरमैन अनिल श्रीवास्तव को अपने बीच पाकर छात्र और अध्यापक प्रफुल्लित दिखे।उक्त आयोजन में सभी कक्षाओं की कक्षा अध्यापकों के अतिरिक्त विद्यालय प्रबंधन में सहयोगी शैलेश श्रीवास्तव ,दीपक श्रीवास्तव , अंजली सिंह, अंजली त्रिपाठी, वीरेंद्र कुमार, गोविंद सिंह, नवनीत विश्वकर्मा आदि शिक्षकों की उपस्थिति रही।

