दुर्गा स्तुति लिरिक्स: शक्ति और भक्ति का अद्भुत संकलन
हिंदू धर्म में माँ दुर्गा को आदिशक्ति और त्रिलोक की रक्षक देवी कहा गया है। उनकी स्तुति करने से साधक को साहस, शक्ति और शांति की प्राप्ति होती है। Durga Stuti Lyrics भक्तों को माँ की महिमा का बोध कराते हैं और उन्हें आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाते हैं। जो भी श्रद्धालु दुर्गा स्तुति लिरिक्स का पाठ भावपूर्वक करता है, उसे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और कृपा प्राप्त होती है।

Durga Stuti Lyrics
जय जग जननी आदि भवानी,
जय महिषासुर मारिणी मां।
उमा रमा गौरी ब्रह्माणी,
जय त्रिभुवन सुख कारिणी मां॥1॥
हे महालक्ष्मी हे महामाया,
तुम में सारा जगत समाया।
तीन रूप तीनों गुण धारिणी,
तीन काल त्रैलोक बिहारिणी॥2॥
हरि हर ब्रह्मा इंद्रादिक क
सारे काज संवारिणी माँ।
जय जग जननी आदि भवानी,
जय महिषासुर मारिणी मां॥3॥
शैल सुता मां ब्रह्मचारिणी,
चंद्रघंटा कूष्मांडा माँ।
स्कंदमाता कात्यायनी माताम,
शरण तुम्हारी सारा जहां॥4॥
कालरात्रि महागौरी तुम हो,
सकल रिद्धि सिद्धि धारिणी मां।
जय जग जननी आदि भवानी,
जय महिषासुर मारिणी माँ॥5॥
अजा अनादि अनेका एका,
आद्या जया त्रिनेत्रा विद्या।
नाम रूप गुण कीर्ति अनंता,
गावहिं सदा देव मुनि संता॥6॥
अपने साधक सेवक जन पर,
सुख यश वैभव वारिणी मां।
जय जगजननी आदि भवानी,
जय महिषासुर मारिणी मां॥7॥
दुर्गति नाशिनी दुर्मति हारिणी दुर्ग निवारण दुर्गा मां,
भवभय हारिणी भवजल तारिणी सिंह विराजिनी दुर्गा मां।
पाप ताप हर बंध छुड़ाकर जीवो की उद्धारिणी माँ,
जय जग जननी आदि भवानी जय महिषासुर मारिणी माँ॥8॥
पाठ करने की प्रभावी और शक्तिशाली विधि
- सुबह का समय चुनें: सुबह स्नान करके शुद्ध मन और शांत वातावरण में माँ दुर्गा की स्तुति करें। यह समय साधना और पाठ के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
- पूजन सामग्री तैयार करें: माँ दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक, धूप, चावल और लाल फूल अर्पित करें। यह पूजन सामग्री पाठ को पूर्णता और शुद्धता प्रदान करती है।
- एकाग्र मन से पाठ करें: दुर्गा स्तुति लिरिक्स का पाठ करते समय मन को भटकने न दें। पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ माँ दुर्गा का ध्यान करें। यही पाठ की सच्ची सफलता है।
- नियमितता बनाए रखें: यदि संभव हो तो रोज़ या नवरात्रि जैसे पावन अवसरों पर दुर्गा स्तुति का पाठ करें। नियमित पाठ से मन को शांति और आत्मबल की प्राप्ति होती है।
इस पाठ के अद्भुत लाभ
- माँ दुर्गा की स्तुति करने से साधक के भीतर साहस और आत्मविश्वास का संचार होता है। यह भय और संकोच को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।
- इसके पाठ से नकारात्मक विचार और ऊर्जा दूर होती है, जिससे घर और मन दोनों में पवित्रता और शांति बनी रहती है।
- सच्चे मन और श्रद्धा से दुर्गा स्तुति का पाठ करने पर भक्त की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। माँ दुर्गा अपने भक्त की हर सच्ची प्रार्थना को स्वीकार करती हैं।
- नियमित रूप से स्तुति करने से परिवार में आपसी प्रेम और सुख-शांति बनी रहती है। घर में समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है।
Durga Stuti Lyrics का पाठ करना माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का सरल और प्रभावी उपाय है। यह साधक को न केवल आंतरिक शांति और साहस देता है बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाता है। माँ दुर्गा की आराधना करने वाला कभी अकेला या असहाय नहीं रहता, क्योंकि देवी सदा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।

