बरेका : राजभाषा पखवाड़ा 2025 का पुरस्कार वितरण के साथ समापन

बरेका : राजभाषा पखवाड़ा 2025 का पुरस्कार वितरण के साथ समापन

वाराणसी (जनवार्ता) : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में राजभाषा विभाग के तत्वावधान में आयोजित राजभाषा पखवाड़ा 2025 का समापन शुक्रवार को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सभागार में पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

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मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-डीजल प्रवीण कुमार ने स्वागत भाषण में हिंदी के उत्थान पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा पर गर्व करते हुए इसके विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील ने कहा कि हिंदी एक प्राचीन भाषा है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में संपर्क भाषा के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय के साथ हिंदी का निरंतर विकास हो रहा है।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर नीरज खरे ने अपने व्याख्यान में कहा कि हिंदी एक बहती नदी की तरह है, जिसमें विभिन्न भाषाओं के शब्द समाहित हैं। उन्होंने हिंदी की व्याकरणिक शुद्धता पर ध्यान देने और जहां हिंदी समर्थ है, वहां अन्य भाषाओं के शब्दों से परहेज करने की सलाह दी।

कार्यक्रम में बरेका की छमाही पत्रिका “बरेका दर्पण” के 36वें अंक का विमोचन किया गया। साथ ही, राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया।

समारोह में प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी-प्रशासन लालजी चौधरी, मुख्य सतर्कता अधिकारी  अंकुर चंद्रा, मुख्य विद्युत इंजीनियर-निरीक्षण एम.के. गुप्ता, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-विद्युत अनुराग कुमार गुप्ता, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर-एस.ई. नीरज जैन, मुख्य संरक्षा अधिकारी  रामजन्म चौबे सहित अनेक विभागाध्यक्ष, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी  अंकुर रामपाल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अनुवादक  आलोक कुमार पाण्डेय ने किया।

Shiv murti

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