वाराणसी में 11-12 अक्टूबर को राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन : परंपरा, विज्ञान और भविष्य का संगम

वाराणसी में 11-12 अक्टूबर को राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन : परंपरा, विज्ञान और भविष्य का संगम

वाराणसी (जनवार्ता)। भारत की आध्यात्मिक राजधानी वाराणसी में 11-12 अक्टूबर को राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन-2025 आयोजित होगा। ज्योतिष विज्ञान समिति, वाराणसी के तत्वावधान में यह आयोजन सिगरा स्थित आर.के. होटल में होगा। उद्घाटन 11 अक्टूबर को सुबह 11 बजे और समापन 12 अक्टूबर को अपराह्न 3 बजे होगा।

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समिति के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेयने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य ज्योतिष विद्या की परंपरा, वर्तमान और भविष्य पर विचार-विमर्श के साथ उसके वैज्ञानिक पक्ष को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना है। दो मुख्य विषय होंगे — *‘ज्योतिष शास्त्र की आत्मा से भारत का भविष्य एवं आधुनिक चुनौतियां’* और *‘ज्योतिष शास्त्र का रहस्यमय विज्ञान।’

सम्मेलन में देशभर से विद्वान, शोधार्थी और अध्येता अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाले विद्वानों, लेखकों व मीडियाकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रो. पांडेय ने कहा कि ज्योतिष केवल भविष्यवाणी नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन और आत्मचिंतन का विज्ञान है। यह शास्त्र बताता है कि ग्रह-नक्षत्रों की गति और मानव के कर्म-चिंतन के बीच गहरा संवाद है।

उन्होंने कहा कि “**यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे — यही ज्योतिष की आत्मा है, जो मनुष्य और ब्रह्मांड के बीच सेतु बनाती है। आधुनिकता के युग में यह सम्मेलन विश्वास और विज्ञान के समन्वय का मंच बनेगा।

आयोजन समिति में प्रो. चंद्रमा पांडेय, प्रो. सदानंद शुक्ल, प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, दिलीप कुमार श्रीवास्तव** और **राजीव नारायण पांडेय** सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समिति के अनुसार, सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इसे एक बौद्धिक व आध्यात्मिक संगम के रूप में देखा जा रहा है।

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Shiv murti

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