ला नीना का असर: वाराणसी में इस बार पड़ेगी कड़ाके की ठंड, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
वाराणसी (जनवार्ता) | मानसून के जाते ही काशी में ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और देर शाम बहने वाली ठंडी हवाओं ने सर्दी का एहसास कराना शुरू कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार उत्तर भारत में सर्दी का असर सामान्य से अधिक रहेगा।

बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. राजीव भाटला ने बताया कि प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से कम हो गया है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में “ला नीना” की स्थिति कहा जाता है। इसका सीधा प्रभाव एशियाई देशों के मौसम पर पड़ता है, जिसके चलते पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर भारत में इस वर्ष कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर की शुरुआत में ही ठंडक बढ़नी शुरू हो गई है और आने वाले दिनों में तापमान में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस साल ठंड जल्दी शुरू हो गई है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हुई तो दिसंबर और जनवरी में रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ सकती है।

