श्रीराम जै जै राम | प्रभु श्रीराम के नाम की अद्भुत महिमा

“श्रीराम जै जै राम” भजन भगवान श्रीराम के नाम की महिमा का बखान करता है। यह केवल एक भजन नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और आत्मिक शांति का मंत्र है। जब भक्त सच्चे मन से “श्रीराम जै जै राम” का जप करता है, तो उसके भीतर प्रेम, साहस और विश्वास का संचार होता है। यह भजन हमें सिखाता है कि श्रीराम का नाम हर दुख का नाश करता है और हर परिस्थिति में शक्ति प्रदान करता है।

rajeshswari

हे राम कौशल्या सुअन,
हे राम दशरथ नन्दनम्,
हे राम शोभाधाम पूरण,
काम शत शत वन्दनम………

श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम,
श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम….

जन्में अवध में मनुज बन,
और वनगमन भगवन किया,
खल दुष्ट संहारे सतत,
सत्संग का अमृत पिया………

श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम,
श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम……..

पदरज से तारी अहिल्या,
उद्धार शबरी का किया,
मुनि सिद्धों संतों भक्तों का,
दर्शन किया, दर्शन दिया………

श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम,
श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम……

रावण के संहारक बने,
सीता के उद्धारक बने,
धरती पे धर्म व सत्य की,
मर्यादा के पालक बने………

श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम,
श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम……

राजा अयोध्या के बने,
सुख शांति त्रिभुवन में हुई,
यश कीर्ति वैभव बढ़े,
पाई सृष्टि ने शोभा नई………

श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम,
श्रीराम श्रीराम,
श्रीराम जै जै राम…….

भजन गाने की विधि

  • प्रातः या संध्या के समय स्नान कर शुद्ध मन से पूजास्थल पर जाएँ।
  • श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी के चित्र या मूर्ति के सामने दीपक जलाएँ।
  • पुष्प और तुलसी-दल अर्पित करें।
  • शांत मन से बैठकर गहरी सांस लें और मन में प्रभु का स्मरण करें।
  • फिर “श्रीराम जै जै राम” मंत्र का 11, 21 या 108 बार जप करें या भजन के रूप में गाएँ।
  • अंत में प्रभु से अपने और अपने परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।
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लाभ

  • मन को शांति और आत्मा को स्थिरता मिलती है।
  • तनाव, भय और नकारात्मकता दूर होती है।
  • जीवन में आत्मविश्वास, साहस और भक्ति की वृद्धि होती है।
  • श्रीराम की कृपा से घर में सुख, समृद्धि और सौहार्द बना रहता है।
  • यह भजन मन, वाणी और कर्म को पवित्र करता है, जिससे व्यक्ति का जीवन संतुलित और सुखमय होता है।

निष्कर्ष

“श्रीराम जै जै राम” केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि भक्ति का मूल स्वरूप है। जब यह नाम प्रेम और श्रद्धा से जपा जाता है, तो हर कठिनाई सरल हो जाती है और जीवन में प्रभु की कृपा का अनुभव होता है। इस भजन का संदेश है — “राम नाम ही सबसे बड़ा धन है।” जो इसे अपनाता है, उसके जीवन में सदा शांति, प्रेम और प्रकाश रहता है।

Shiv murti

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