जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो | श्रद्धा, भक्ति और ऊर्जा का दिव्य संगम

जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो | श्रद्धा, भक्ति और ऊर्जा का दिव्य संगम

“जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो” — यह पंक्ति उस अद्भुत क्षण को दर्शाती है जब भक्त हनुमान जी और श्रीराम की महिमा में अपना संपूर्ण मन समर्पित कर देता है। यह केवल जयकारा नहीं, बल्कि आत्मा की पुकार है जो भक्ति, विश्वास और ऊर्जा से भरपूर है। हनुमान जी श्रीराम के पराक्रम और सेवा के प्रतीक हैं, जबकि श्रीराम धर्म और करुणा के। जब इन दोनों का नाम एक साथ लिया जाता है, तो पूरा वातावरण सकारात्मकता, शक्ति और आनंद से भर उठता है। यह जयकारा जीवन में नए उत्साह और भक्ति की लहर लाता है।

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जय बोलो जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो…..

गंगा जल पानी, गंगा जल पानी,
चरण धुलाये हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान…..

घिस घिस चन्दन भरी कटोरी,
तिलक लगाए हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान……

चुन चुन कलियाँ हार बनाया,
हार बनाया, हार बनाया,
हर पहनावे हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान…….

पीला पीताम्बर टसरे की धोती,
टसरे की धोती, टसरे की धोती,
अंग पहनावे हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान…..

फूलो की सेज मोती झालर का तकिया,
झालर का तकिया, झालर का तकिया,
चरण दवावे हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान…….

राम लखन और सिया जानकी,
सिया जानकी, सिया जानकी,
चरणों में बैठे हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान…….

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जय बोलो जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो….

भाव से भक्ति करने की विधि

  1. दिन और समय: मंगलवार या शनिवार को प्रातःकाल या संध्या समय सर्वोत्तम है।
  2. स्थान: हनुमान जी और श्रीराम जी के चित्र या मूर्ति के सामने दीपक जलाएँ।
  3. पूजन सामग्री: लाल फूल, दीपक, तुलसी पत्ता, गुड़-चना और सिंदूर रखें।
  4. प्रारंभ: तीन बार “जय श्रीराम” और “जय हनुमान” कहें, फिर मन को एकाग्र करें।
  5. भजन या जप: श्रद्धा से “जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो” भजन गाएँ या जप करें।
  6. भावना रखें: यह अनुभव करें कि आप श्रीराम और हनुमान जी के दिव्य सान्निध्य में हैं, और उनके नाम से मन का हर भय मिट रहा है।
  7. समापन: अंत में दोनों प्रभुओं के चरणों में प्रणाम कर कहें — “हे प्रभु, सदा मेरे जीवन में आपके नाम की गूंज बनी रहे।”

इस भक्ति से मिलने वाले लाभ

  • साहस और आत्मबल: हनुमान जी की कृपा से आत्मविश्वास और शक्ति बढ़ती है।
  • शांति और सुख: श्रीराम की करुणा से मन को शांति और स्नेह का अनुभव होता है।
  • संकटों से मुक्ति: दोनों प्रभुओं के नाम से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं।
  • भक्ति में वृद्धि: मन ईश्वर-स्मरण में स्थिर और आनंदित रहता है।
  • घर में सकारात्मक ऊर्जा: जयकारे से घर में शुभता और सौभाग्य का वास होता है।

निष्कर्ष

“जय बोलो हनुमान राम की जय बोलो” — यह केवल एक वाणी नहीं, बल्कि आत्मा की गूंज है। जब भक्त प्रेम से दोनों प्रभुओं का नाम लेता है, तो जीवन में भक्ति, शौर्य और शांति एक साथ प्रवाहित होते हैं। इस जयकारे से मन की निराशा मिटती है और आशा का दीपक जलता है। श्रीराम के नाम में करुणा है, तो हनुमान के नाम में बल — और इन दोनों का संगम ही जीवन का सच्चा उत्सव है।

Shiv murti

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