छोटो छोटो बाल गणेशा | बाल स्वरूप में विघ्नहर्ता गणपति की कोमल करुणा

छोटो छोटो बाल गणेशा | बाल स्वरूप में विघ्नहर्ता गणपति की कोमल करुणा

छोटो छोटो बाल गणेशा यह भाव हमें भगवान गणेश के बाल रूप की मासूम छवि का दर्शन कराता है। यह रूप भक्ति, सादगी और स्नेह का प्रतीक है — जहाँ भोलेपन में भी असीम शक्ति और करुणा छिपी है। बाल गणेशा के इस रूप का स्मरण करने से मन प्रसन्न होता है और घर में हर्षोल्लास का वातावरण बनता है। यह भक्ति का वह स्वरूप है जो हमें यह सिखाता है कि ईश्वर को पाने के लिए सिर्फ एक निर्मल और निष्कपट हृदय की आवश्यकता होती है।

rajeshswari

छोटो छोटो बाल गणेशा,
मुषक राजा साथ हमेशा,
गौरी नंदन आगे आगे,
मुसक राजा पाछे पाछे,
करते बड़ा कमाल रे,
नाचे पार्वती कौ लाल रे,
ता ता थइया दे ताल रे,
नाचे पार्वती कौ लाल रे……..

मन मुदित निहारें शैलसुता,
मनहर लेवे, है ऐसी छटा,
नूपुर छनकावे पैन्जनियां,
कोमल कटि सोहे करधनियाँ,
लट काली काली लटक लटक,
लल्ला कौ चुमै गाल रे,
ता ता थइया दे ताल रे,
नाचे पार्वती कौ लाल रे……..

गजानन बालकला जो दिखावै,
गौरी पुनि पुनि कंठ लगावै,
मोदक लै लाल खिलावै,
लोरी मधुर बहु भांति सुनावै,
मूषक राजा की भाग जागी,
हंस हंस के बजावे खड़ताल रे,
ता ता थइया दे ताल रे,
नाचे पार्वती कौ लाल रे……..

बाल गणेशा की आराधना विधि

  1. समय: बुधवार या चतुर्थी तिथि पर प्रातःकाल स्नान के बाद।
  2. स्थान: घर के पूजाघर या किसी शांत, पवित्र स्थान पर।
  3. सामग्री: दूर्वा, लाल फूल, मोदक, दीपक, जल, और गणेश जी की बाल रूप की तस्वीर या मूर्ति।
  4. पूजन क्रम:
    • दीपक जलाएँ और गणेश जी के बाल स्वरूप का ध्यान करें।
    • उन्हें दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
    • “ॐ गण गणपतये नमः” या “जय बाल गणेशा” का जप करें।
    • अंत में आरती करें और प्रसाद बाँटें।
  5. भाव: पूजन के दौरान मन को पूरी तरह से प्रेम और भक्ति में डुबो दें, जैसे एक बालक अपने आराध्य को पुकारता है।
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बाल गणेशा की आराधना से प्राप्त फल

  • घर में सौभाग्य, सुख और समृद्धि का वास होता है।
  • मन की चंचलता और तनाव दूर होकर शांति मिलती है।
  • बच्चों की उन्नति, शिक्षा और बुद्धि में वृद्धि होती है।
  • जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।
  • संकटों से रक्षा और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

निष्कर्ष

छोटो छोटो बाल गणेशा हमें यह सिखाता है कि सच्ची भक्ति उसी मन में होती है जो सरल, निष्कपट और प्रेममय हो। गणेश जी के इस बाल रूप का स्मरण हमारे जीवन में मधुरता और शांति का संचार करता है। जब हम हर दिन उन्हें हृदय से पुकारते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे छोटा-सा गणेशा हमारे जीवन में मुस्कान लेकर आ गया हो। भक्ति में यही सबसे सुंदर सत्य है — जहाँ बाल गणेशा की हँसी गूँजती है, वहाँ से सभी विघ्न अपने आप मिट जाते हैं।

Shiv murti

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