बीएचयू में जूनियर डॉक्टरों की पिटाई
रेजिडेंट्स ने दी सभी सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी

वाराणसी (जनवार्ता) । बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईएमएस) में रविवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब डेंटल फैकल्टी के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर की छह अज्ञात युवकों ने लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। घटना रूड्या मेडिकल हॉस्टल के पास रात करीब 10:45 बजे हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक पर आए युवकों ने पहले डॉक्टरों से नाम और संस्थान पूछा। जैसे ही पता चला कि वे आईएमएस से हैं, हमलावरों ने ताबड़तोड़ मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलते ही सैकड़ों रेजिडेंट डॉक्टर मौके पर पहुंचे और चीफ प्रॉक्टर ऑफिस का घेराव किया। सुरक्षा कर्मचारियों ने गेट बंद कर लिए, जिससे डॉक्टरों में और आक्रोश भड़क उठा।
रेजिडेंट डाक्टर्स वेलफेयर सोसाइटी ने कुलपति को पत्र सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं किया गया तो सभी इमरजेंसी सेवाओं समेत पूरी मेडिकल सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। सोसाइटी का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम नहीं लगाया गया और कैंपस में बाहरी लोगों का आना-जाना जारी है।
हाल के दिनों में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी ओपीडी और सर सुंदरलाल अस्पताल में भी जूनियर डॉक्टरों के साथ अभद्रता और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी चीफ प्रॉक्टर डॉ. संतोष कुमार सिंह ने जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फिलहाल कैंपस में तनाव का माहौल है और रेजिडेंट डॉक्टर अपनी सुरक्षा की गारंटी तक सेवाएं बहाल करने को तैयार नहीं हैं।

