बनारस में बिजली कर्मियों का निजीकरण विरोध प्रदर्शन
वाराणसी (जनवार्ता) । विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर निजीकरण विरोधी आंदोलन के 356वें दिन बनारस में बिजली कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।


कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि बिहार चुनाव खत्म होने के बाद पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत निगम के निजीकरण का टेंडर जारी हुआ तो पूरे प्रदेश में सामूहिक जेल भरो आंदोलन शुरू होगा।

संघर्ष समिति का दावा है कि सब्सिडी और सरकारी बकाया जोड़ने पर दोनों निगम मुनाफे में हैं – पूर्वांचल 3,242 करोड़ और दक्षिणांचल 2,156 करोड़। घाटे के झूठे आंकड़ों से निजीकरण न हो, इसकी अपील मुख्य सचिव से की गई है।
कैश काउंटर पर फिनटेक कर्मियों की तैनाती और 150 संविदा कर्मियों की छंटनी पर भी आंदोलन की चेतावनी दी गई।

