जहरीले कफ सिरप रैकेट पर बुलडोजर क्यों नहीं ?
आजादी के 78 साल बाद भाजपा चल रही नई प्रथा : वीरेंद्र सिंह

वाराणसी (जनवार्ता) । चंदौली के सपा सांसद एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को अपने वाराणसी स्थित टैगोर टाउन आवास पर प्रेस वार्ता कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में चल रहे कथित जहरीले कफ सिरप रैकेट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इसे हजारों करोड़ का काला कारोबार बताया और पूछा कि “बाबा का बुलडोजर इस रैकेट पर क्यों नहीं चल रहा? क्या यह केवल किसी वर्ग विशेष या चुनिंदा लोगों के लिए ही है?”
सांसद ने आरोप लगाया कि बनारस से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश, म्यांमार सहित कई देशों में जहरीला कोडीन युक्त कफ सिरप सप्लाई किया जा रहा है। इस धंधे से कमाई गई काली कमाई से आलीशान मकान और होटल बन रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन है। उन्होंने कहा, “अमित सिंह टाटा सिर्फ मोहरा है, असली बड़े खिलाड़ी अभी तक पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।”
वीरेंद्र सिंह ने मांग की कि इस मामले की जांच एसआईटी से नहीं, बल्कि सीबीआई और ईडी से कराई जाए तथा जांच केंद्रीय गृह मंत्री की निगरानी में किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए। उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को उठाने की अनुमति मिल चुकी है और वे सदन में यह मामला जोर-शोर से उठाएंगे।
एसआईआर पर भी साधा निशाना
सांसद ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भाजपा एक नई प्रथा चला रही है, जिसमें 2014, 2019 और 2024 सहित अब तक हुए सभी चुनावों पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मतदाता सूची को ही अवैध बताकर शुद्धिकरण का नाम दिया जा रहा है।
उन्होंने तंज कसा, “जिस मतदाता सूची की कोख से जनप्रतिनिधि पैदा होते हैं, यदि वह सूची ही अवैध है तो उससे चुने गए सारे जनप्रतिनिधि वैध कैसे? सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए।”
सपा सांसद ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह एफिडेविट देकर यह आश्वासन दे कि एसआईआर के बाद देश का कोई भी मतदाता मतदाता सूची से बाहर नहीं होगा। नहीं तो माना जाएगा कि चुनाव आयोग गरीब, अनपढ़ और अंतिम पंक्ति के नागरिकों के मताधिकार का हनन कर रहा है।

