काशी तमिल संगमम् 4.0 : छात्रों का पहला जत्था कन्याकुमारी से वाराणसी रवाना
नई दिल्ली (जनवार्ता)। काशी तमिल संगमम् (केटीएस) के चौथे संस्करण की जोरदार शुरुआत हुई। शनिवार को तमिलनाडु से छात्रों का पहला दल वाराणसी के लिए रवाना हो गया। इस पहले जत्थे में कुल 216 छात्र शामिल हैं, जिनमें कन्याकुमारी से 43, तिरुचिरापल्ली से 86 और चेन्नई एग्मोर से 87 छात्र हैं।

यह दल 2 दिसंबर से शुरू हो रहे केटीएस 4.0 का हिस्सा है, जिसका आयोजन शिक्षा मंत्रालय कर रहा है। इस बार पूरे कार्यक्रम में तमिलनाडु से लगभग 1400 प्रतिनिधि उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्रों का भ्रमण करेंगे।
वाराणसी में छात्र गंगा के घाटों, काशी विश्वनाथ मंदिर, माता अन्नपूर्णा मंदिर, महाकवि सुब्रह्मण्य भारती के पैतृक निवास और काशी तमिल संगमम् से जुड़े अन्य ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। इसके अलावा सेमिनार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, साहित्यिक विमर्श, स्थानीय व्यंजनों-हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और दोनों क्षेत्रों के बीच संवाद सत्र आयोजित होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विज़न को साकार करने वाली इस पहल का संचालन आईआईटी मद्रास और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय मिलकर कर रहे हैं। संस्कृति, पर्यटन, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई, कौशल विकास मंत्रालयों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार भी इसमें सहयोग दे रही है।
शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और आपसी समझ को मजबूत करेगा तथा तमिलनाडु व काशी के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक रिश्तों को नई पीढ़ी तक पहुँचाएगा।

