मुरादाबाद: SIR के भारी दबाव से तंग आकर BLO बने शिक्षक ने की आत्महत्या
मुरादाबाद (जनवार्ता) | उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में रविवार सुबह एक सहायक अध्यापक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक सर्वेश सिंह (46) भगतपुर टांडा थाना क्षेत्र के जाहिदपुर सिकंदरपुर कंपोजिट स्कूल में सहायक अध्यापक थे। 7 अक्टूबर को इन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) बनाया गया था। इसके बाद शुरू हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के काम के अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।

परिजनों ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा तो सर्वेश का शव पंखे से लटका मिला। मौके से बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम तीन पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में सर्वेश ने लिखा कि वे रात-दिन काम करते रहे, फिर भी SIR का टारगेट पूरा नहीं कर पा रहे थे। रातें चिंता में कटती थीं और केवल दो-तीन घंटे ही सो पाते थे। उनकी चार छोटी-छोटी बेटियां हैं, जिनमें से दो कई दिनों से बीमार हैं। वे आगे लिखते हैं कि जीना तो चाहते हैं, लेकिन घुटन और बेचैनी इतनी बढ़ गई है कि खुद को डरा हुआ महसूस कर रहे हैं। पहली बार BLO बने थे, समय बहुत कम मिला और काम पूरा नहीं कर पाए। अंत में उन्होंने अपनी मासूम बेटियों का ख्याल रखने की गुजारिश की है।
मृतक के मोबाइल में शनिवार रात का एक वीडियो भी मिला जिसमें वे फूट-फूटकर रोते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वे कह रहे हैं कि बीस दिन से ठीक से सो नहीं पाए हैं और अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बता रहे हैं क्योंकि वे SIR के काम में निपुण नहीं हैं।
परिजनों का कहना है कि SIR शुरू होने के बाद सर्वेश लगातार तनाव में थे। दिन-रात फील्ड में रहते थे, फिर भी अधिकारियों का दबाव कम नहीं होता था।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में SIR शुरू होने के बाद से अब तक सात BLO की मौत हो चुकी है। इनमें तीन ने आत्महत्या की है, तीन की मौत हार्ट अटैक से और एक की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई है।
शिक्षक संगठनों ने इसे अत्यधिक कार्यभार और मानसिक प्रताड़ना का परिणाम बताया है तथा सरकार से प्रक्रिया में तत्काल सुधार और संवेदनशीलता बरतने की मांग की है।

