बिजली निजीकरण के विरोध मेंकेंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने किया फरवरी में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का  ऐलान

बिजली निजीकरण के विरोध मेंकेंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने किया फरवरी में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का  ऐलान

1 जनवरी से यूपी में बड़ा आंदोलन शुरू

rajeshswari

वाराणसी ( जनवार्ता)| बिजली के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 तथा नई श्रम संहिता के विरोध में उत्तर प्रदेश भर में चल रहा आंदोलन बुधवार को 378वें दिन भी जारी रहा। वाराणसी में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों बिजली कर्मचारियों ने लंका स्थित बिजली घर के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं के खाते में पिछले एक साल की औसत खपत के आधार पर वर्तमान बिल में 25% क्रेडिट जोड़ा जाए। साथ ही वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना में मौजूदा 2 किलोवाट की सीमा को बढ़ाकर कम से कम 4 किलोवाट किया जाए, क्योंकि विभाग ने कई उपभोक्ताओं का लोड मनमाने ढंग से बढ़ा दिया है, जिससे वे OTS का लाभ नहीं ले पा रहे।

वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार बिजली क्षेत्र को पूरी तरह निजी हाथों में सौंपने पर आमादा है, जिससे बिजली महंगी हो जाएगी और कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे।

फरवरी में राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का फैसला 

दिल्ली में सोमवार को हुई बैठक में देश की दस बड़ी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों — एटक, इंटक, सीटू, एचएमएस, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी — ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025, नई श्रम संहिता और किसानों की मांगों के समर्थन में फरवरी में राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल करने का निर्णय लिया। हड़ताल की तारीख 22 दिसंबर को होने वाली अगली बैठक में तय की जाएगी।

1 जनवरी से यूपी में तेज होगा आंदोलन

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने ऐलान किया है कि 1 जनवरी 2026 से प्रदेश भर में निजीकरण विरोधी आंदोलन को और व्यापक व तीव्र बनाया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को वाराणसी सहित सभी जनपदों में बिजली कर्मचारियों ने घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाया।

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14 दिसंबर को नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लॉइज एंड इंजीनियर्स की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व संयुक्त किसान मोर्चा के साथ दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें यूपी के एक साल से अधिक समय से चल रहे निजीकरण-विरोधी आंदोलन को राष्ट्रव्यापी समर्थन देने पर चर्चा होगी। इस बैठक में यूपी संघर्ष समिति के संयोजक एवं आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे हिस्सा लेंगे।

प्रदर्शन को अंकुर पाण्डेय, राजेश सिंह, संदीप कुमार, हेमन्त श्रीवास्तव, अभिषेक शुक्ला, धनपाल सिंह, मनोज यादव, मनोज जैसवाल, उमेश यादव, योगेंद्र कुमार, एस.के.सरोज सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।

Shiv murti

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