राष्ट्रीय लोक अदालत : 4.69 लाख मामलों का निस्तारण, 1827 करोड़ रुपये की वसूली
वाराणसी (जनवार्ता) । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलन कर इसका शुभारंभ किया।


जिला जज संजीव शुक्ला ने अधिक से अधिक मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित करने पर जोर देते हुए कहा कि लोक अदालत न्याय को आमजन तक पहुंचाने वाली प्रभावी व्यवस्था है। इससे समय और धन की बचत के साथ-साथ त्वरित समाधान मिलता है तथा सामाजिक शांति को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अनिरुद्ध कुमार तिवारी, भूमि अर्जन पुनर्वास प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी सत्यानंद उपाध्याय, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार, नोडल अधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जीएम बीएन सिंह सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
लोक अदालत में न्यायालय और प्रशासन के विभिन्न विभागों से कुल 4,68,913 मामले निस्तारित किए गए, जिनमें 18,27,08,023.48 रुपये की वसूली हुई। जनपद न्यायालय से 31,965 मामले निस्तारित किए गए, जिनमें दीवानी के 144, पारिवारिक के 65, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के 53 मामले शामिल हैं, जिसमें बीमा कंपनियों से पीड़ितों को 2.29 करोड़ रुपये दिलाए गए। फौजदारी के 31,057 मामलों में 20.11 लाख रुपये अर्थदंड वसूल किया गया, एनआई एक्ट के 154 तथा बैंक एवं प्री-लिटिगेशन के 2,284 मामलों में 10.03 करोड़ रुपये की वसूली पर समझौता हुआ। प्रशासन एवं अन्य विभागों से 4,36,948 मामले निस्तारित हुए, जिनमें 12.04 करोड़ रुपये की वसूली पर समझौता हुआ तथा श्रम विभाग से 23 मामले निस्तारित हुए, जिनमें 38.54 लाख रुपये की वसूली पर समझौता हुआ।
न्यायालय परिसर में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए, जो पक्षकारों को सहायता प्रदान करते रहे। साथ ही जिला एवं केंद्रीय कारागार के कैदियों तथा बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों द्वारा निर्मित उत्पादों जैसे लकड़ी के खिलौने, दरी, गमछा, अचार, ब्रेड, बिस्किट, आर्ट-क्राफ्ट, बैग आदि की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें लोगों ने खूब रुचि दिखाई और खरीदारी की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आलोक कुमार ने लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, अधिवक्ता, बैंककर्मी और पक्षकारों का आभार व्यक्त किया तथा सभी के प्रयासों की सराहना की।

