बंद खदानों को सुरक्षित रूप से शुरू करने की मांग, व्यापार मंडल ने खनन निदेशक को सौंपा ज्ञापन
सोनभद्र (जनवार्ता)। बिल्ली -मारकुंडी खनन क्षेत्र में नवंबर में हुए हादसे के बाद बंद पड़ी 37 खदानों को सुरक्षित तरीके से पुनः शुरू करने की मांग को लेकर डाला व्यापार मंडल ने रविवार को भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक माला श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा।

व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश जैन के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि एक खदान में हुए हादसे के बाद बिना उचित जांच के डीजीएमएस ने सभी 37 खदानों पर खनन एवं परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया, जिससे करीब 10 हजार मजदूर बेरोजगार हो गए। इन मजदूरों पर आश्रित 30 हजार परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि खदानों के बंद होने से 2000 से अधिक टिपर, 500 कंप्रेसर मशीनें एवं सैकड़ों पोकलेन मशीनें ठप पड़ी हैं। ढाई सौ क्रशर प्लांट बंद हो गए, जिससे विश्व प्रसिद्ध ‘डाला स्टोन’ गिट्टी का उत्पादन रुका है। ओबरा, चोपन एवं डाला में पान, ठेला, खोमचा, पंचर, सैलून एवं चाय-नाश्ते की दुकानों पर संकट छा गया। यदि यही स्थिति रही तो मजदूरों को अन्य प्रदेशों में पलायन करना पड़ेगा।
व्यापारियों ने मांग की कि पांच दशकों से चल रहे खनन को पुनः शुरू कर जनपद में खुशहाली लौटाई जाए, क्योंकि यह उद्योग प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में मासिक 13 करोड़ राजस्व देता है। ज्ञापन सौंपने वालों में संजय मित्तल, सुधीर सिंह, रामू सिंह गोंड़ एवं संतोष शर्मा शामिल रहे।

