भदोही : 50 लाख से ज्यादा की ठगी का खुलासा
भदोही (जनवार्ता) । भदोही पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना की टीम ने यह कार्रवाई की। गिरोह ने अब तक 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है और विभिन्न राज्यों से इस गिरोह के खिलाफ 32 शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज हैं।

गिरफ्तार अभियुक्तों में सूरज कुमार और सन्नी कुमार निवासी छट्ठू धनामा, जमुई, बिहार, सुनील मण्डल निवासी दौलतपुर खैयरा, जमुई, बिहार, विशाल यादव निवासी राईपुर भानपुर, सुरेरी, जौनपुर, पवन कुमार यादव निवासी कस्तूरीपुर, सुरियावाँ, भदोही और पवन कुमार सरोज निवासी कोल्हआ पाण्डेयपुर, सुरियावाँ, भदोही शामिल हैं।
गिरफ्तारी के समय और तलाशी में कुल सात मोबाइल फोन, मोबाइल हैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली एपीके फाइल, ऐप्स, लिंक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर फ्रॉड से जुड़े चैट्स, फोटो, ऑडियो, वीडियो, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम, क्यूआर कोड, नेट बैंकिंग आईडी-पासवर्ड की तस्वीरें तथा 16 बैंक खातों का विवरण बरामद हुआ है। विभिन्न बैंकों में कुल डेढ़ लाख रुपये होल्ड किए गए हैं जबकि नकद 850 रुपये भी मिले हैं।
ठगों का तरीका था कि वे लोगों को लोन या पैसे देने का लालच देकर उनके बैंक खाते, सिम कार्ड, एटीएम और दस्तावेज हासिल करते थे। फिर एपीके फाइल के जरिए पीड़ित के मोबाइल को हैक कर उनके खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे और एटीएम से निकासी कर पैसे आपस में बांट लेते थे।
यह मामला पिछले 20 नवंबर को भदोही निवासी अरुण कुमार के यूनियन बैंक खाते से 50 हजार रुपये अनिल कुमार के खाते में ट्रांसफर करने से सामने आया था, जिसके बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा संख्या 52/2025 दर्ज हुआ।
पुलिस अधीक्षक मांगलिक ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क बिहार, जौनपुर और भदोही तक फैला हुआ था। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में कई और ठगी के मामले सामने आए हैं। वांछित अभियुक्तों में मनीष यादव निवासी भरऊपुर जमालपुर, जौनपुर, विशाल कुमार यादव निवासी नगुआ पिपरीस, संतरविदासनगर, भदोही तथा सिंटू और नीरज (नाम पता अज्ञात) शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।
कार्रवाई में टीम-1 में निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, हैड कांस्टेबल देवानंद सिंह, प्रभातचंद्र त्रिपाठी, मानसिंह यादव और साइबर तकनीकी टीम तथा टीम-2 में उपनिरीक्षक राजकुमार पाण्डेय (प्रभारी स्वाट/सर्विलांस) और अन्य स्वाट/सर्विलांस सदस्य शामिल रहे।

