साइबर ठगों ने पहलगाम आतंकी हमले में फंसाने की धमकी देकर ठगे 28 लाख रुपये
वाराणसी (जनवार्ता)। साइबर अपराधियों ने एक नया तरीका अपनाते हुए वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के विरापट्टी निवासी रामजनम प्रसाद को आतंकवादी घटना में फंसाने की धमकी देकर 28 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई है।

शिकायत के अनुसार, 6 दिसंबर को पीड़ित के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ स्थित एटीएस का अधिकारी बताया और कहा कि अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले में पीड़ित का नाम जुड़ा हुआ मिला है। इसके बाद ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिये लंबी बातचीत की और पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया।
यह सिलसिला कई दिनों तक चला। ठगों ने पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और 15 से 24 दिसंबर के बीच विभिन्न खातों में 28 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित को चेतावनी दी गई कि इस बारे में किसी से चर्चा न करें, अन्यथा सुरक्षा बल उन्हें उठा ले जाएंगे।
पीड़ित इतने डरे हुए थे कि उन्होंने यह पूरा मामला परिवारवालों से भी छिपाया। बातचीत के दौरान कमरे में ताला लगाकर अकेले रहते थे और परिजनों के पूछने पर टाल-मटोल कर देते थे। बाद में ठगी का पता चलने पर उन्होंने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट की ऐसी घटनाओं में पीड़ित इतना भयभीत हो जाता है कि वह तुरंत शिकायत नहीं करता। स्थिति सामान्य होने पर ही मामला सामने आता है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगों के बैंक खातों और नंबरों की छानबीन की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे अनजान कॉल आने पर सतर्क रहें और किसी भी तरह की धमकी पर पैसे ट्रांसफर न करें। संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

