खाद्यान्न घोटाला: 21 साल बाद कोटेदार गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता)। जौनपुर जिले के सरकोनी विकास खण्ड में वर्ष 2004-05 के दौरान चले सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत हुए बड़े खाद्यान्न घोटाले में मुख्य आरोपी कोटेदार हीरालाल मौर्य को ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने आज गिरफ्तार कर लिया है।


यह मामला वर्ष 2012 में थाना जलालपुर, जौनपुर में दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि विकास खण्ड सरकोनी के विभिन्न ग्रामों में नाली निर्माण, खड़ंजा निर्माण, पटरी मरम्मत, संपर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य, सीसी रोड एवं पुलिया निर्माण जैसे कार्यों के लिए मजदूरों को कार्य के बदले खाद्यान्न (चावल) वितरित किया जाना था।
लेकिन बीडीओ, ब्लॉक प्रमुख, सचिव और कोटेदार ने आपस में सांठगांठ कर फर्जी मास्टर रोल तैयार किए और पात्र मजदूरों को खाद्यान्न देने के बजाय उसे कालाबाजारी में बेच दिया। इस धोखाधड़ी से राज्य सरकार को लाखों रुपये की क्षति हुई।
वांछित आरोपी हीरालाल मौर्य पुत्र राजाराम मौर्य, निवासी ग्राम बाबूपुर, थाना जफराबाद, जौनपुर को पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार के निर्देशन में गठित ईओडब्ल्यू टीम ने शुक्रवार दोपहर उनके घर से ही दबोच लिया। टीम में निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, निरीक्षक करुणेश सिंह, रविन्द्र प्रताप यादव एवं मुख्य आरक्षी सरफराज अंसारी शामिल थे।
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को वाराणसी भ्रष्टाचार निरोधक न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
ईओडब्ल्यू की टीम ने मामले की जांच तेज करने का संकेत देते हुए कहा है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। यह मामला 21 वर्ष पुराना होने के बावजूद अब कार्रवाई से इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

