प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से पिंडरा बाजार में बाइक सवार की गर्दन कटी, गंभीर घायल
वाराणसी (जनवार्ता) । प्रतिबंध के बावजूद वाराणसी में चाइनीज मांझा मौत का खेल खेल रहा है। रविवार को फूलपुर थाना क्षेत्र के पिंडरा बाजार जाने वाली व्यस्त सड़क पर एक बाइक सवार की गर्दन में चाइनीज मांझा फंसने से गहरी चोट आ गई।

घटना राजपुर गांव निवासी संतोष पटेल (मिस्त्री) की है, जो अपनी बाइक से पिंडरा बाजार की ओर जा रहे थे। अचानक आसमान में लटका यह खतरनाक मांझा उनके गले में फंस गया और गर्दन कट गई। संतोष ने मौके पर ही सूझ-बूझ दिखाते हुए बाइक रोकी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत नजदीकी जायसवाल मेडिकल स्टोर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार और मलहम-पट्टी के बाद उनकी हालत स्थिर है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा 2017 से प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चोरी-छिपे बिक्री और इस्तेमाल अब भी बेधड़क जारी है। पुलिस की साप्ताहिक छापेमारी, भारी मात्रा में जब्ती और गिरफ्तारियों के बावजूद पिंडरा जैसे व्यस्त बाजारों में यह जानलेवा डोर आसानी से मिल जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आसपास की दुकानों और छिपे गोदामों से यह मांझा खुलेआम बिक रहा है।
पिंडरा बाजार क्षेत्र में रोजाना सैकड़ों दोपहिया वाहन चलते हैं, जहां ऐसे हादसे कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। हाल के महीनों में वाराणसी में चाइनीज मांझे से कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें मौतें और गले-हाथ कटने जैसे मामले शामिल हैं। प्रशासन ने धारा 144 लगाई, विक्रेताओं पर हत्या के प्रयास की FIR तक दर्ज की गई, लेकिन अमल कमजोर दिख रहा है।
प्रशासन से सवाल है — आखिर कब तक यह मौत का मांझा लोगों की जान लेता रहेगा? क्या पिंडरा बाजार जैसे इलाकों में विशेष निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत नहीं? नागरिकों से अपील है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस खतरनाक मांझे पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
वाराणसी पुलिस और जिला प्रशासन के लिए यह घटना एक और चेतावनी है कि कागजी प्रतिबंध बिना प्रभावी अमल के बेकार साबित हो रहे हैं। शहरवासियों की सुरक्षा अब सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

