जल्द भारत आएंगे ट्रंप

जल्द भारत आएंगे ट्रंप

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जताई मजबूत उम्मीद 

नई दिल्ली (जनवार्ता) । अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार ग्रहण करने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में नई ऊर्जा भरते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं। यह बयान व्यापार टैरिफ और रूसी तेल खरीद को लेकर चल रहे तनाव के बीच आया है, लेकिन गोर ने जोर देकर कहा कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्ती “असली” है और असली दोस्त मतभेद सुलझा लेते हैं।

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राजदूत गोर ने कहा, “मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दुनिया भर में यात्रा की है और मैं गवाही दे सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती असली है। असली दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंत में वे हमेशा मतभेद सुलझा लेते हैं।” उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रंप जल्द भारत आएंगे और मजाकिया लहजे में कहा कि ट्रंप की देर रात फोन करने की आदत भारत-अमेरिका के समय अंतर के साथ ठीक बैठ सकती है।

यह बयान 2020 के ऐतिहासिक ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम की याद दिलाता है, जहां दोनों नेताओं का गहरा व्यक्तिगत जुड़ाव दुनिया ने देखा था। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित दौरा रक्षा सौदों, व्यापार समझौतों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग पर बड़े फैसले ला सकता है।

गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को “इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी” बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी लोकतंत्र के रूप में दोनों देश रक्षा, आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे।

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एक महत्वपूर्ण घोषणा में राजदूत ने बताया कि अगले महीने भारत को अमेरिका के नेतृत्व वाले Pax Silica गठबंधन में पूर्ण सदस्य के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। यह पहल सिलिकॉन, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षित सप्लाई चेन बनाने के लिए है। जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और इजराइल जैसे देश पहले से इसमें शामिल हैं।

व्यापार मुद्दे पर गोर ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और मंगलवार नेगोशिएटर्स के बीच अगली कॉल होगी। ट्रंप प्रशासन की रूसी तेल खरीद पर 500% तक टैरिफ की धमकी के बावजूद, गोर ने जोर दिया कि दोनों देश मतभेद सुलझाकर मजबूत साझेदारी आगे बढ़ाएंगे।

यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा दे सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप-मोदी की व्यक्तिगत केमिस्ट्री वैश्विक चुनौतियों के बीच रिश्तों को और मजबूत करेगी।

Shiv murti

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