श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित 21 पुस्तकों का विमोचन
वाराणसी (जनवार्ता)। श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज में आज भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मिथिलेश सिंह ने विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की महत्त्वाकांक्षी ‘भारत बौद्धिक्स’ योजना के अंतर्गत कला, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित 21 पुस्तकों का विमोचन किया।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से भारतीय ज्ञान परंपरा को समकालीन शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। विमोचन के अवसर पर प्राचार्य प्रो. मिथिलेश सिंह ने विद्या भारती के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूर्ण रूप से लागू हो चुका है, जिसमें भारतीय ज्ञान प्रणाली को प्रमुख स्थान दिया गया है। ऐसे में ‘भारत बौद्धिक्स’ योजना द्वारा प्रकाशित ये पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी।
प्रो. सिंह ने कहा कि आज विश्व पर्यावरणीय संकट, नैतिक मूल्यों में कमी, संस्कृति एवं परंपराओं से दूरी जैसी अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है। इन समस्याओं का समाधान भारतीय योग, दर्शन, आयुर्वेद, वास्तुकला, पंचकोश आधारित शिक्षा तथा अन्य प्राचीन विद्याओं में निहित है। ये विधाएं समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और आज वैश्विक स्तर पर भी व्यापक रूप से अपनाई जा रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के मार्ग पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए भारतीय ज्ञान का उपयोग समकालीन वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि ‘भारत बौद्धिक्स’ परीक्षा का आयोजन स्नातक एवं परास्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को ऑफलाइन मोड में किया जाएगा। यह परीक्षा हिंदी, अंग्रेजी तथा दोनों भाषाओं में आयोजित होगी। परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 80 अंक बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए और 20 अंक वर्णनात्मक प्रश्नों के लिए निर्धारित हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार पचास हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार पच्चीस हजार रुपये तथा चतुर्थ पुरस्कार ढाई हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा सभी विजेताओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य प्रो. मिथिलेश सिंह ने सभी आयोजकों, लेखकों एवं शिक्षाविदों का आभार व्यक्त किया तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के प्रांत संयोजक प्रो. अरविंद कुमार मिश्र, डॉ. शरद धर शर्मा, उप नियंत्रक परीक्षा डॉ. सरला सिंह, श्रीमती दिव्या पाल, अंजलि त्यागी सहित अनेक शिक्षक एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यह आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय एवं सार्थक पहल साबित हुआ है।

