बाराबंकी : मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर महिला टीचर ने स्कूल में लगाई फांसी
बाराबंकी (जनवार्ता) । जिले के हरख विकासखंड स्थित कंपोजिट स्कूल उदवापुर में शनिवार को 40 वर्षीय सहायक अध्यापिका उमा वर्मा ने प्रधानाध्यापक के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उमा वर्मा दो छोटे बच्चों की मां थीं और जलालपुर गांव में अपने परिवार के साथ रहती थीं। उनके पति ऋषि वर्मा भी शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।

परिवार के सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पिछले ढाई साल से स्कूल के स्टाफ द्वारा उमा वर्मा को लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। उनके पति ऋषि वर्मा ने कहा कि उमा मन लगाकर बच्चों को पढ़ाती थीं लेकिन इसी बात पर सहकर्मी उन पर तंज कसते थे और टीका-टिप्पणी करते थे जैसे बड़ी पढ़ाने वाली है या इन्हें अवार्ड चाहिए। कई बार स्टाफ ने मिलकर उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज कराईं। ट्रांसफर के लिए काफी प्रयास किए गए लेकिन सफलता नहीं मिली। मृतका के भाई शिवाकांत वर्मा ने भी आरोप लगाया कि मुख्य रूप से सहायक अध्यापक सुशील वर्मा, इंचार्ज सीतावती, जया और अर्चना ने उन्हें परेशान किया। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के समय स्टाफ ने उन्हें फंदे पर लटका देखा लेकिन किसी ने तुरंत उतारकर बचाने की कोशिश नहीं की जिससे शायद उनकी जान बच सकती थी।
यह घटना सरकारी स्कूलों में कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न, सहकर्मियों के बीच जलन और बढ़ते तनाव जैसी गंभीर समस्याओं को उजागर करती है। शिक्षकों की मानसिक सेहत के लिए बेहतर सहायता व्यवस्था और समय पर हस्तक्षेप की सख्त जरूरत है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच कर रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि जांच में यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

