सरहरी गांव में कब्र खोदने को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव
पुलिस ने संभाला मामला
वाराणसी (जनवार्ता)। लोहता थाना क्षेत्र के सरहरी गांव में सोमवार सुबह एक व्यक्ति के शव को दफनाने के दौरान कब्र खोदने को लेकर दो समुदायों के बीच गंभीर तनाव पैदा हो गया। दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और गाली-गलौज के साथ स्थिति बिगड़ने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस की भारी फोर्स मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने में सफल रही।

मृतक अब्दुल शाहिद अली शाह (पेशे से दर्जी) की 17 जनवरी को सुबह खाना खाते समय ब्लड प्रेशर बढ़ने से अचानक मौत हो गई थी। शव दो दिन तक घर में रखा रहा। आज (19 जनवरी) परिजन और रिश्तेदार शव को दफनाने की तैयारी में जुटे। मृतक के घर से लगभग 100 मीटर दूर आबादी के बीच स्थित एक खाली नवीन परती जमीन पर कब्र खोदना शुरू किया गया।
इस दौरान आसपास के निवासियों ने विरोध जताया और दोनों समुदायों के बीच जोरदार बहस छिड़ गई। तनाव बढ़ता देख ग्रामीणों ने गाली-गलौज शुरू कर दी, जिससे स्थिति आमने-सामने की हो गई।
सूचना पर रोहनिया एसीपी संजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में लोहता, मंडुआडीह और रोहनिया थानों की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
गांव के प्रधान राजेंद्र पटेल और भाजपा पिछड़ा मोर्चा के महामंत्री भानू शंकर पटेल ने बताया कि मृतक मूल रूप से भदोही जिले के रामपुर के निवासी थे, जो पिछले कुछ वर्षों से सरहरी में मकान बनवाकर रह रहे थे। विवादित जमीन आबादी के बीच नवीन परती है, जिस पर कब्र खोदने का विरोध हुआ।
लंबी वार्ता के बाद परिजनों को सरहरी गांव के पास स्थित पहले से मौजूद कब्रिस्तान में जगह उपलब्ध कराई गई। मृतक के परिजनों ने इसे स्वीकार कर लिया और वहीं अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई।
सुरक्षा के मद्देनजर एसीपी रोहनिया संजीव कुमार शर्मा सहित लोहता, रोहनिया और मंडुआडीह थानों की पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कोई अप्रिय घटना होने की आशंका नहीं है।
पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की निगरानी की जा रही है।

