पत्नी और दो बेटों ने मिलकर ली ई-रिक्शा चालक की जान
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत खड़ता गांव में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। 50 वर्षीय ई-रिक्शा चालक अर्जुन पाल की क्रूर हत्या कर दी गई। आरोप है कि उनकी पत्नी शिवरानी और दोनों बेटों रूपलाल व राजेंद्र ने मिलकर उन्हें लाठी-डंडों और भारी वस्तुओं से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शव को घर से करीब 1 किलोमीटर दूर नबीनगर नहर पुलिया के पास एक गड्ढे में फेंक दिया और ऊपर से ई-रिक्शा गिराकर हादसा का नाटक रचा।

मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने नहर किनारे पलटा हुआ ई-रिक्शा और उसके नीचे दबा शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त अर्जुन पाल के रूप में की। शव के चेहरे और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। पास ही खून से सना बिस्तर और स्टील की टंकी बरामद हुई, जिससे हत्या की पुष्टि हुई।
मृतक के भाई मुन्नू लाल ने तहरीर देकर पत्नी शिवरानी और बेटों रूपलाल व राजेंद्र पर सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि घर में अर्जुन और परिवार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों बेटे शराब और जुए के आदी थे, जिस कारण रोजाना झगड़े होते थे। संभावना है कि सोमवार रात नशे की हालत में हुए विवाद में किसी भारी वस्तु से सिर पर वार कर मौत हो गई।
ग्रामीणों ने घर पहुंचकर जांच की तो कमरे के फर्श पर खून के निशान मिले। परिजनों के जवाब गोलमोल थे और मौत की खबर पर उनके चेहरे पर कोई शोक नहीं दिखा। ग्रामीणों ने कमरे में ताला लगाकर पुलिस बुलाई।
पुलिस ने पत्नी और दोनों बेटों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दोनों बेटे एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जिससे जांच और जटिल हो गई है। मृतक की पत्नी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर भी दी है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर जल्द ही हत्या के सच्चे कारण और जिम्मेदारों का खुलासा होगा।

