राइस मिलों की चिमनियों से उठता ज़हर, लसड़ा–अकछोर गांवों में सांस लेना हुआ मुश्किल
सोनभद्र (जनवार्ता)। रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के खरंचा पुल के समीप संचालित राइस मिलों की चिमनियों से निकलने वाला घना धुआं आसपास के लसड़ा और अकछोर गांवों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। प्रदूषण के कारण ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।


ग्रामीणों का कहना है कि राइस मिलों की चिमनियों से दिन-रात निकलने वाला काला धुआं हवा में घुलकर गांवों तक पहुंच रहा है। इससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएं हो रही हैं। खेतों में खड़ी फसलों पर भी धुएं की परत जमने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से शिकायत की गई, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। न तो मिलों की जांच हुई और न ही प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन सुनिश्चित कराया गया। लगातार अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से राइस मिलों पर तत्काल सख्त कार्रवाई और प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग की है।

