जनवरी में माह दो बड़ी चोरियां, तीन मंदिर में मूर्ति भंजन ; पुलिस जांच अभी भी धूमिल
चौबेपुर (जनवार्ता ): नए साल के पहले महीने ने चौबेपुर थाना क्षेत्र को अपराध के काले साये में लपेट दिया है। जनवरी में दो अलग-अलग गांवों में हुई दो बड़ी चोरियों और तीन मंदिरों में मूर्तियां तोड़े जाने की घटनाओं ने नागरिक सुरक्षा और धार्मिक सौहार्द दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। इन सभी मामलों में पुलिस की जांच अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं ला पाई है, जिससे ग्रामीणों में रोष और असुरक्षा की भावना घर कर गई है।

पहली वारदात: संकट में परिवार पर कहर
मगरहुआ गांव के सुजीत गुप्ता का परिवार इन दिनों दोहरी मुसीबत झेल रहा है। एक ओर पत्नी का ऑपरेशन हुआ और नवजात को सांस लेने में तकलीफ के चलते अलग अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, वहीं दूसरी ओर सोमवार रात चोरों ने उनके सूने घर को निशाना बनाया। चोरों ने सेंध लगाकर पत्नी के सारे कीमती गहने – कान की बाली, पायल, मंगलसूत्र, हार, करधनी आदि – और करीब दो लाख रुपये नकद लूट लिए। यह घटना परिवार के लिए आर्थिक और भावनात्मक रूप से भारी झटका साबित हुई है।
दूसरी वारदात: प्रवासी का घर लूटा
दूसरी घटना मुनारी (बकौनी) गांव की है। महाराष्ट्र में काम करने वाले सभाजीत जैसवार का बेटा सूरज दो महीने बाद जब घर लौटा, तो उसने देखा कि मकान का ताला तुड़वाया हुआ है और सामान बिखरा पड़ा है। पता चला कि चोरों ने उसकी शादी के जेवरात – सोने की मांगटीका, नथुनी, झुमके, मंगलसूत्र और चांदी की पायल – समेत कीमती घरेलू सामान लूट लिया है।
तीसरी वारदात: मंदिरों में तोड़फोड़, आस्था को ठेस
इसी बीच, मुनारी और लटौनी गांवों में अज्ञात बदमाशों ने तीन मंदिरों में धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने वाली हरकत की। मुनारी में हनुमान जी और नटवा बीर बाबा की मूर्तियां तोड़ी गईं, जबकि लटौनी में शिवलिंग और श्रीकृष्ण जी की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, यह घटना सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक की है, मगर अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार ने बताया कि सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और विशेष टीमें जांच में जुटी हैं। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और सहयोग देने की अपील की है।
वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित है। “चोरी और मूर्ति-भंजन जैसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन पुलिस अब तक एक भी आरोपी को नहीं पकड़ पाई। इससे अपराधियों का हौसला बढ़ रहा है,” कुछ ग्रामीण बुजुर्ग ने नाम न छापने की शर्त पर कहा।

