25 हजार रुपये का इनामिया पंजाब से गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता)। कैंट पुलिस और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप की संयुक्त टीम ने फर्जी जीएसटी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट फ्रॉड का एक संगठित नेटवर्क उजागर किया। मुकदमा संख्या 423/2025 के तहत दर्ज इस मामले में धारा 316(2), 318(4), 319(2), 338, 336(3), 420(2) और 61(2) बीएनएस के अंतर्गत कार्रवाई की गई।

जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों ने कागजी यानी फर्जी फर्में बनाईं। इन फर्मों के जरिए बिना किसी असली माल की खरीद-फरोख्त के जीएसटी पोर्टल पर फर्जी इनवॉयस और रिटर्न तैयार किए जाते थे। इन फर्जी बिलों के आधार पर रजिस्टर्ड कंपनियों को लोहा स्क्रैप जैसे कच्चे माल की बिक्री दिखाई जाती थी, जबकि हकीकत में कोई भी भौतिक सामान की सप्लाई नहीं होती थी। इस तरह फर्जी फर्मों के माध्यम से कंपनियों को अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा दिलाया जाता था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचता था। प्रारंभिक जांच में इस फ्रॉड से लगभग 54 करोड़ रुपये के जीएसटी राजस्व की चोरी का खुलासा हुआ है।
गिरफ्तार आरोपी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा पुत्र बलजीत सिंह, निवासी 84 कोटला डढेरी, बाना मंडी गोविंदगढ़, जिला फतेहगढ़ साहिब, पंजाब है। उसकी उम्र लगभग 26 वर्ष है और वह इस मामले में 25 हजार रुपये का इनामी था। गिरफ्तारी पंजाब में पूरी विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई।
अभियुक्त के कब्जे से लैपटॉप, टैबलेट, कई मोबाइल फोन, फर्जी फर्म ए/एस वर्क्स से जुड़े दस्तावेज, पहचान पत्र और बैंकिंग से संबंधित सामग्री बरामद हुई है। सभी सामान को सील करके विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित कर लिया गया है।
पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। गिरफ्तारी में थाना कैंट की टीम से प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा और उप निरीक्षक अभिषेक सिंह के अलावा एसओजी टीम से उप निरीक्षक गौरव कुमार सिंह, आरक्षी आलोक कुमार मौर्य, दिनेश कुमार और उपेंद्र कुमार यादव शामिल थे।

