भारत 10वीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में
6 फरवरी को इंग्लैंड से खिताबी भिड़ंत, अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया
हरारे। भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए 10वीं बार वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। बुधवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से शिकस्त दी। अब 6 फरवरी को खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया का सामना इंग्लैंड से होगा।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान की टीम ने 50 ओवर में 4 विकेट खोकर 310 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। अफगानिस्तान की ओर से फैजल शिनोजादा ने 110 रन की शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि उजैरुल्लाह नियाजई ने नाबाद 101 रन बनाए। भारत के लिए दीपेश देवेन्द्रन और कनिष्क चौहान ने दो-दो विकेट झटके।
311 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने बेखौफ बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। ओपनर आरोन जॉर्ज ने 115 रन की बेहतरीन शतकीय पारी खेलते हुए जीत की नींव रखी। वैभव सूर्यवंशी ने 68 रन और कप्तान आयुष म्हात्रे ने 62 रन की अहम अर्धशतकीय पारियां खेलीं। भारत ने 41.1 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया।
यह जीत कई मायनों में खास रही। भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज पूरा किया। साथ ही, यह यूथ वनडे क्रिकेट का भी अब तक का सबसे बड़ा सफल लक्ष्य पीछा करने का रिकॉर्ड बन गया।
मैच में कुल 620 रन बने, जो भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए यूथ वनडे मुकाबलों में सर्वाधिक हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड 27 दिसंबर 2021 को दुबई में खेले गए मैच में 521 रनों का था।
अफगानिस्तान की ओर से दो शतक लगने के बावजूद टीम भारत की मजबूत बल्लेबाजी के सामने टिक नहीं सकी। भारत के लिए आरोन जॉर्ज का शतक और मध्यक्रम की संयमित बल्लेबाजी जीत का मुख्य आधार रही। अब नजरें 6 फरवरी को होने वाले फाइनल पर टिकी हैं, जहां भारत इंग्लैंड के खिलाफ खिताब जीतने उतरेगा।


