उ. प्र. पेंशनर्स कल्याण संस्था की बैठक में वक्ताओं ने सरकार पर लगाया उपेक्षा का आरोप
वाराणसी । उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था वाराणसी जनपद शाखा की मासिक बैठक रविवार प्रातः 11 बजे डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन, पी.डब्ल्यू.डी. में जिलाध्यक्ष इंजी. एस.डी. मिश्र की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन जिलामंत्री अवध नारायण पाण्डेय ने किया।


बैठक में लखनऊ से पधारे संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के प्रांतीय सह-संयोजक इंजी. क्षमानाथ दुबे तथा प्रांतीय सह-संयोजक (प्रचार) एवं महामंत्री ओंकार नाथ तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। संस्था के प्रान्तीय संरक्षक इंजी. शमसुल आरेफिन, प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री डी.एल. श्रीवास्तव, जोनल अध्यक्ष हीरालाल तथा जनपदीय संरक्षक इंजी. आर.पी. मिश्र भी मौजूद थे। अतिथियों का माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में नए सदस्यों का परिचय कराया गया तथा जनवरी-फरवरी में जन्म लेने वाले सदस्यों का जन्मदिन मिष्ठान वितरण के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई गई, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। संस्था का नया कैलेंडर 2026 वितरित किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार पर पेंशनरों के प्रति उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार ने पेंशनरों को निराश किया है। कोरोना काल में फ्रीज की गई महंगाई राहत की तीन किश्तों का एरियर अभी तक नहीं मिला है। वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में छूट बहाल नहीं हुई। आयु आधारित पेंशन वृद्धि (65 वर्ष पर 5%, 70 पर 10%, 75 पर 15%) तथा राशिकरण अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष 8 माह करने का मामला लंबित है।
केन्द्र सरकार के वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) की 03 नवंबर 2025 की अधिसूचना के अनुसार 01 जनवरी 2026 से पूर्व पुरानी पेंशन स्कीम के पेंशनरों का पुनरीक्षण 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की परिधि से बाहर रखा गया है। पेंशनरों ने 17 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रांतीय नेतृत्व ने “जागो पेंशनर जागो, अपना अधिकार मांगो” भ्रमण कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश में पेंशनरों को जागृत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार पेंशन छीनने की तैयारी कर रही है, लेकिन पेंशनर संघर्ष के लिए तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट उनके साथ है। पेंशन उनका संवैधानिक अधिकार है, इसे कोई नहीं छीन सकता।
बैठक को इंजी. हरिशंकर यादव, डॉ. परमहंस मिश्र, इंजी. हीरालाल प्रसाद, डॉ. सुधाकर मिश्र, एस.एन. मणि, अमरदेव, प्रभाकर दुबे, शिव प्रकाश, वी.एन. त्रिपाठी, दयाशंकर सिंह यादव, लल्लन सिंह, नागेन्द्र सिंह, रामचन्द्र गुप्ता एवं श्रीमती शैलकुमारी आदि ने भी संबोधित किया।
संस्था ने सभी पेंशनरों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की अपील की है।

