रामपुर : जिला पंचायत कार्यालय में दिनदहाड़े अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या
रामपुर । जिले में बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे जिला पंचायत कार्यालय परिसर में एक वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना का आरोप जिला पंचायत में तैनात क्लर्क असगर अली पर लगा है।


मृतक अधिवक्ता फारूक खान रामपुर कोर्ट के जाने-माने वकील थे। जानकारी के अनुसार, फारूक अपनी पत्नी से मिलने जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे थे, जो यहां क्लर्क के पद पर तैनात हैं। इसी दौरान क्लर्क असगर अली से किसी बात को लेकर उनमें तीखी बहस हो गई। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि असगर अली ने पिस्टल निकालकर फारूक पर गोली चला दी। गोली सीधे लगने से फारूक गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही गिर पड़े।
घायल अधिवक्ता को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमले में फारूक की पत्नी गौसिया बानो को भी गोली लगी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है।
परिजनों और अधिवक्ता संघ के सदस्यों का आरोप है कि असगर अली ने जानबूझकर गोली चलाई। मृतक के भतीजे ने दावा किया कि असगर ने हत्या के बाद खुद को घायल करके इसे आत्मरक्षा का मामला बनाने की कोशिश की।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में आक्रोशित परिजनों और अधिवक्ताओं ने भारी हंगामा किया। इमरजेंसी वार्ड की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए और जमकर नारेबाजी की गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस की भारी संख्या में तैनाती की गई। पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह और जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। असगर अली को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के सटीक कारणों और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है।
यह घटना जिला पंचायत जैसे सरकारी कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अधिवक्ता समुदाय में रोष व्याप्त है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

