वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के 260 सेट और 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्राओं को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

लंबी दूरी के लिए पूरी तरह स्वदेशी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार है। दो ट्रेनसेट बन चुके हैं और हावड़ा-कामाख्या रूट पर चल रही हैं। कुल 260 ट्रेनसेट बनाने की योजना है, जो चरणबद्ध तरीके से सेवा में आएंगे। इनमें 160 किमी/घंटा परिचालन गति, ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली, अग्नि सुरक्षा, UV-C विसंक्रमण, स्वचालित दरवाजे, CCTV, दिव्यांग सुविधाएं और एर्गोनॉमिक डिजाइन जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं। ये 1500 किमी तक की यात्रा के लिए आदर्श हैं।
बागपत रोड स्टेशन अब 28 रेलगाड़ियों से जुड़ा है, जो दिल्ली, हरिद्वार और सहारनपुर जैसे शहरों से सीधी कनेक्टिविटी देता है। नई सेवाएं क्षमता और मांग के आधार पर शुरू होंगी।
हाई-स्पीड रेल के लिए 7 नए कॉरिडोर घोषित किए गए हैं, जिनमें दिल्ली-वाराणसी भी शामिल है। अन्य हैं: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु और वाराणसी-सिलीगुड़ी। मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट जापान की मदद से चल रहा है। इनके लिए DPR तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
ये कदम आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेंगे, यात्रा समय घटाएंगे और उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में पर्यटन, व्यापार व रोजगार बढ़ाएंगे। विशेष रूप से दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर वाराणसी व पूर्वांचल के लिए क्रांतिकारी साबित होंगे।

