‘बांग्लादेशियों की पहचान करना आयोग का काम नहीं’ : नवदीप रिणवा
वाराणसी (जनवार्ता) : उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा सोमवार को वाराणसी पहुंचे और चौका घाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में प्रेस प्रतिनिधियों से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर 2026) की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का नाम सूची से हटाने में किसी भी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति का हस्तक्षेप संभव नहीं है। यदि किसी नाम पर आपत्ति आती है या उसे काटने की आवश्यकता पड़ती है, तो संबंधित व्यक्ति को आधिकारिक नोटिस जारी किया जाएगा, जिससे उसे जवाब देने, दस्तावेज पेश करने और सुनवाई का पूरा अवसर मिल सके।

रिणवा ने जोर देकर कहा कि बल्क में कोई भी फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। एक महत्वपूर्ण सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेशियों या किसी अन्य विदेशी नागरिक की पहचान करना निर्वाचन आयोग का दायित्व नहीं है। आयोग का एकमात्र फोकस चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता सूची की शुद्धता और योग्य मतदाताओं को शामिल रखना है। आप्रवासन, नागरिकता या घुसपैठ जैसे मुद्दे अन्य सरकारी विभागों के क्षेत्र में आते हैं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी योग्य मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो वह उचित दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वाने की प्रक्रिया का लाभ उठा सकता है। आयोग किसी भी राजनीतिक या बाहरी दबाव में नहीं आएगा और सभी निर्णय पूरी निष्पक्षता से लिए जाएंगे।
रिणवा ने यह भी घोषणा की कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद पूरे उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश भर में, विशेषकर वाराणसी में, ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद लाखों नाम प्रभावित हुए हैं और राजनीतिक दलों के बीच दावे-आपत्तियों का सिलसिला जारी है। आयोग ने बार-बार जोर दिया है कि प्रक्रिया कानूनी, पारदर्शी और सभी के लिए समान अवसर वाली रहेगी।

