अच्छा साहित्य वही, जो समाज को दिशा दे : डॉ. रीता बहुगुणा जोशी

अच्छा साहित्य वही, जो समाज को दिशा दे : डॉ. रीता बहुगुणा जोशी

•विजय विनीत की ‘सपनों की पगडंडियां’ पुस्तक विमोचन में लेखन, शिक्षा और सामाजिक सरोकार पर हुआ मंथन

वाराणसी(जनवार्ता)। अच्छा साहित्य वही है जो समाज को दिशा और लाभ दे।यह विचार पूर्व सांसद व इतिहासकार डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने वरिष्ठ पत्रकार-लेखक विजय विनीत की पुस्तक ‘सपनों की पगडंडियां’ के विमोचन अवसर पर व्यक्त किया। अशोका इंस्टीट्यूट के बुद्ध सभागार में उन्होंने कहा कि साहित्य का उद्देश्य केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समाज में चेतना जगाना होना चाहिए।

rajeshswari

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल एक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि संघर्ष, संकल्प और शिक्षा के प्रति समर्पण की प्रेरक गाथा है। प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह कुशवाहा के जीवन को उदाहरण बनाते हुए उन्होंने बताया कि जिज्ञासा, परिश्रम और सामाजिक सरोकार से कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। रांची विश्वविद्यालय में कुलपति रहते हुए उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दिया और शिक्षा को समाज परिवर्तन का माध्यम माना।

नवभारत टाइम्स लखनऊ के संपादक सुधीर मिश्रा ने एआई के दौर में पत्रकारिता की चुनौतियों पर विजय विनीत के लेखन को उपयोगी बताया। वरिष्ठ लेखक व्योमेश शुक्ल और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनोज कुमार सिंह ने पुस्तक को ग्रामीण और सीमित संसाधनों वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरक दस्तावेज कहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर नागेंद्र पांडे ने की। इस अवसर पर अशोका इंस्टीट्यूट के संस्थापक अशोक कुमार मौर्य को ‘जनमित्र अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। संचालन अशोक आनंद ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सोनम उपाध्याय ने प्रस्तुत किया।

इसे भी पढ़े   लखनऊ: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन और मानदेय वृद्धि का तोहफा
Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *