हाउस अरेस्ट तोड़कर दालमंडी पहुंचे सपा नेता
पीड़ित व्यापारियों से की मुलाकात, सुरक्षा पर उठे सवाल
वाराणसी (जनवार्ता) । पुलिस के सख्त घेरे के बावजूद समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी दालमंडी पहुंच गए। सपा का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित व्यापारियों और पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए दालमंडी जा रहा था। प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए थे । कई सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया था और बिना अनुमति के क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।

फिर भी किशन दीक्षित, लालू यादव, राहुल यादव समेत कुछ अन्य कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर सफलतापूर्वक दालमंडी पहुंचने में कामयाब रहे। उन्होंने वहां पीड़ित व्यापारियों से मुलाकात की, उनके दुख-दर्द सुने और पूर्ण एकजुटता जताई। सपा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और यह लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वे पीड़ितों की आवाज बनकर हमेशा खड़े रहेंगे और किसी भी दमन से नहीं झुकेंगे।
दालमंडी क्षेत्र में फरवरी 2026 से सड़क चौड़ीकरण (काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से जुड़ी परियोजना) के लिए अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा है, जिसमें कई दुकानें और मकान प्रभावित हुए हैं। इससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है और विरोध प्रदर्शन भी हुए, जिसमें एक दुकानदार ने अपनी संपत्ति में आग लगाकर विरोध जताया था।
इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष इसे दमनकारी रवैया बता रहा है, जबकि प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और विकास कार्य के लिए आवश्यक थी।
वाराणसी में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है, जहां लोकतंत्र बनाम प्रशासनिक कार्रवाई का विवाद तेज हो गया है। सपा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे आगे भी पीड़ितों के हक के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

