वाराणसी में गंगा के 84 घाटों पर हजारों निरंकारी स्वयंसेवकों ने की सामूहिक सफाई
‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण में देशभर में 12 लाख लोगों ने लिया हिस्सा
वाराणसी (जनवार्ता) : संत निरंकारी मिशन ने आज ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के तहत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण का भव्य आयोजन किया। इस राष्ट्रव्यापी जल संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान में भारत के 25 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 930 शहरों में 1600 से अधिक स्थानों पर लगभग 12 लाख स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की।


वाराणसी में गंगा के प्रसिद्ध 84 घाटों पर हजारों भक्तों ने एकजुट होकर नदी की सफाई का कार्य किया। अभियान का शुभारंभ वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने किया। उन्होंने मिशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में सफाई एवं जिम्मेदारी की भावना जागृत होती है। जोनल इंचार्ज सिद्धार्थ शंकर ने उनका स्वागत किया।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में आयोजित विशेष सत्संग में माता जी ने अपने प्रवचन में बाबा हरदेव सिंह जी की शिक्षाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “भक्ति केवल शब्दों में नहीं, कर्मों में प्रकट होनी चाहिए। सच्ची श्रद्धांजलि कर्मों से दी जाती है। यदि हम स्वयं को उनके अनुयायी कहते हैं, तो प्रेम, सेवा, करुणा और समदृष्टि जैसे गुणों को जीवन में उतारना होगा।”
माता जी ने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति तन-मन-धन को निराकार की देन मानकर निस्वार्थ सेवा में जुड़े। सेवा जब स्वार्थरहित होती है, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। अभियान के माध्यम से जल स्रोतों की सफाई के साथ-साथ मन की निर्मलता का संदेश दिया गया, जो एक जीवन-दर्शन के रूप में उभर रहा है।
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में चलाया गया यह अभियान 2023 से प्रारंभ ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का हिस्सा है, जो बाबा हरदेव सिंह जी की शिक्षाओं से प्रेरित है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रयास है, बल्कि अध्यात्म, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुपम संगम भी है।

