समरसता की अविरलता का स्नेह मिलन

समरसता की अविरलता का स्नेह मिलन

होली की समरस परंपरा का निर्वहन कर रहे एक कर्मयोगी डॉ हरेंद्र कुमार राय आज लोक की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भागीरथ प्रयास कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष उनके द्वारा होली के पश्चात न सिर्फ होली मिलन स्नेह समारोह का आयोजन किया जाता है बल्कि इस अवसर पर बुजुर्ग, नौजवान, बालक हजारों की संख्या में एक जगह इक्कठा हो कर पुरखों की परम्परा से परिचित होते हैं। यह लोगों के लिए अपने आप में एक अलग और अनूठा आयोजन है।

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यह अवसर अब धीरे धीरे काशी के परिवार परम्परा की समृद्धि का द्योतक बन गया है। आज दिनांक 14 मार्च को सायं 5 बजे से श्री नाथ उपवन सामने घाट में आयोजित यह उत्सव रात्रि 10 बजे होली से शुरू होकर चैती गायन से समाप्त हुआ। इस अवसर पर दूरदर्शन के प्रमुख कलाकार एवं गायक मंगल कवि ने काशी की परंपरागत लोकगीतों के माध्यम से उपस्थित सभी काशी जनों का लोकाचार कराया। इस अवसर पर काशी के कई दिग्गज राजनीतिज्ञ, साहित्यकार, शिक्षक समाजसेवी, युवा एवं परिवार समेत हजार की संख्या में काशी के प्रेमी जन उपस्थित रहे। आयोजन के सूत्रधार डॉ हरेंद्र राय और उनके छोटे भाई धर्मनाथ राय ने उपस्थित सभी का गुलाल लगाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर अभिनन्दन किया।

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Shiv murti

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