माँ विंध्यवासिनी के धाम में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन शैलपुत्री स्वरुप के दर्शन करने उमड़े श्रद्धालु

माँ विंध्यवासिनी के धाम में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन शैलपुत्री स्वरुप के दर्शन करने उमड़े श्रद्धालु

मीरजापुर l आदि शक्ति जगत जननी मां विंध्यवासिनी के धाम में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन शैलपुत्री स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े। मध्य रात्रि से ही प्रत्येक श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी की झलक पाने के लिए लालायित रहे। विंध्य धाम के अनवरत निर्माण के चलते मां विंध्यवासिनी धाम की रौनक दिन पर दिन निखरने लगी है, इसके चलते नवरात्र मेले की भी रौनक बढ़ रही है।

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शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां का दर्शन करने का अपना अलग ही महात्म है। प्रथम दिन देर रात से धाम में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। भोर की मंगला आरती के बाद विंध्यधाम एक बार फिर घंटा-घड़ियाल के बीच मां विंध्यवासिनी के जयकारे से गुंजायमान हो उठा। हाथ में नारियल, चुनरी, माला-फूल प्रसाद के साथ कतारबद्ध श्रद्धालु मां की भक्ति में लीन दिखे।

सुगंधित फूलों से मां विंध्यवासिनी का भव्य श्रृंगार किया गया था। मंदिर भी प्राकृतिक फूलों व रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था, जो अलौकिक छटा बिखेर रहा था। श्रद्धालुओं ने गर्भगृह के साथ ही झांकी से भी मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर मंगलकामना किया। श्रद्धालुओं ने मां की आरती भी की। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर पर विराजमान समस्त देवी-देवताओं के चरणों में शीश झुकाया। इसके बाद विंध्य पर्वत पर विराजमान मां अष्टभुजा व मां काली के दर्शन को पैदल निकल पड़े।

शारदीय नवरात्र के पहले से विंध्यधाम, काली खोह, अष्टभुजा मंदिर को आकर्षक व मनोहारी फूलों से सजाया गया। इसके चलते विंध्यधाम की छटा देखते ही बन रही थी। धाम की सजावट श्रद्धालुओं को बरबस ही अपनी ओर खींच रही थी।

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विंध्याचल में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन इंट्री प्वाइंट बनाए गए हैं। न्यू वीआइपी मार्ग, जयपुरिया गली और थाना कोतवाली रोड से श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने के लिए मंदिर जाने की व्यवस्था की गई है। वीआइपी दर्शनार्थियों को पुरानी वीआइपी मार्ग से दर्शन कराया जाएगा।

मां अष्टभुजा व मां काली का दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास रेलिंग पर चुनरी बांध मन्नतें मांगी। इसके बाद शिवपुर स्थित तारा मंदिर के दर्शन को निकल पड़े। मां तारा मंदिर पहुंच पूजन-अर्चन किया। भक्तों ने त्रिकोण परिक्रमा करके सुख-समृद्धि की कामना की।

मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूर्व गंगा घाटों पर लोगों ने स्नान किया। गंगा के जल स्तर को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। दर्शन के बाद वापस लौटते समय श्रद्धालुओं ने प्रसाद के रूप में जरूरत के सामानों की जमकर खरीदारी की। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। सीसीटीवी कैमरा से मेला क्षेत्र की निगहबानी की जा रही थी।

Shiv murti

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