दुष्कर्म के बाद 15000 में गर्भपात का समझौता:शादी का खर्च उठाने को कहा तो पेट्रोल डालकर लगा दी आग

दुष्कर्म के बाद 15000 में गर्भपात का समझौता:शादी का खर्च उठाने को कहा तो पेट्रोल डालकर लगा दी आग
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लखनऊ। मैनपुरी में एक नाबालिग रेप पीड़िता गर्भवती को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जिसमें वह लगभग 80% तक जल गई। उसका इलाज सैफई मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहां हालत गंभीर बताई जा रही है।

इस मामले में आरोपी, उसकी मां और उसकी बहन पर केस दर्ज किया गया है। आरोपी की मां को गिरफ्तार कर लिया गया है। भाई-बहन की तलाश जारी है। आरोपी पीड़िता का चचेरा भाई है। मामला 8 अक्टूबर को सामने आया था, जब पीड़िता इलाज के लिए सैफई जिला अस्पताल पहुंची थी।

बताया जा रहा है 3 महीने पहले नाबालिग के साथ उसके भाई ने रेप किया। तब ये बात डर के कारण पीड़िता ने किसी को नहीं बताई। 3 अक्टूबर को इस बात का पता पीड़िता की मां को लगा। इस मामले को लेकर गांव और परिवार के कुछ लोगों की गांव में एक पंचायत भी हुई थी।

इस पूरे मामले की पड़ताल करने के लिए भास्कर टीम मैनपुरी से 30 किलोमीटर दूर पीड़िता के गांव पहुंची। पीड़िता के घर में तो कोई नहीं था, लेकिन गांव में बातें उसी की हो रही थीं। हमने जिससे भी बात करने की कोशिश की सब ने मना कर दिया। लोगों का कहना है पुलिस हमें डरा रही है। उन्होंने हमारे घर के लड़कों को भी उठा लिया है।

इसी वजह से गांव में लड़की पक्ष का विरोध भी हो रहा है। बहुत ढूंढने पर हमें गांव का एक अधेड़ व्यक्ति मिला। जिसने हमें पूरी बात बताई। उसने बताया, 3 अक्टूबर की बात है। लड़की की मां ने अपनी बेटी का बढ़ा हुआ पेट देखा तो उसे कुछ अजीब लगा। उसने बेटी को अकेले में ले जाकर पूरी बात पूछी तो बेटी ने सच बोल दिया। इसके बाद पीड़िता की मां ने आरोपी की मां को बुलाया।

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पीड़िता की मां ने आरोपी की मां से कहा, “तुम्हारे बेटे ने देखो मेरी बेटी के साथ क्या किया है। अब हम लोग किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहे। हम तुम्हारे बेटे के खिलाफ शिकायत करेंगे। उसके बाद दोनों परिवार में विवाद होने लगा। मामला बढ़ता देख गांव में एक पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में गांव के कुछ लोग और दोनों के परिवार पुरुष और महिलाएं शामिल हुईं। पंचायत ने दोनों परिवारों से समझौता करने की बात कही।”

“पंचायत में ये फैसला सुनाया गया कि 15000 रुपए देकर पीड़िता का गर्भपात कराया जाएगा और उसकी शादी का खर्चा आरोपी का परिवार उठाएगा। इस बात पर दोनों परिवार राजी हो गए। हालांकि पंचायत होने की जानकारी पुलिस को भी मिल गई थी। जिसके बाद उन्होंने लड़के को हिरासत कर लिया था। लेकिन यह बात भी सामने आई थी कि 15 हजार रुपए लेकर पीड़ित परिवार ने लड़के को छोड़ने का समझौता कर लिया था।”

अधेड़ ने आगे बताया, “पंचायत खत्म होने के बाद दोनों परिवार घर चले गए थे। दोनों पास में ही रहते थे। हम लोग भी अपने घर चले गए। फिर 6 अक्टूबर को देर रात खबर आई कि लड़की जल गई है। हम लोग मौके पर पहुंचे तो लड़की की मां कह रही थी आरोपी के परिवार ने मेरी बेटी को जला दिया। आरोपी का परिवार भी मौके पर मौजूद नहीं था। किसी तरह आग को बुझाया गया लेकिन लड़की पूरी जल चुकी थी। वो जमीन पर तड़प रही थी। किसी तरह उसे अस्पताल भेजा गया। पुलिस भी मौके पर आई थी।”

वहीं इस मामले में गांव के लोगों और रिश्तेदारों के मिले-जुले बयान सामने आ रहे हैं। कोई इसे जमीन से जुड़ा विवाद बता रहा है तो कोई इसे पारिवारिक कलह से जोड़ रहा है। लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों में खेत की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। वहीं लड़की के परिवार का कहना है इस घटना के बाद पुलिस ने गांव के कुछ लड़कों को हिरासत में लिया है। इसी वजह से लोग ऐसी बातें कर रहे हैं। वो लोग हम लोगों को गलत बता रहे हैं। हमारी बेटी और हम लोग निर्दोष हैं। मेरी बेटी को इंसाफ मिले हम लोग यही चाहते हैं।

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मां की जुबानी बेटी का दर्द
पीड़िता की मां का कहना है, “मेरे जेठ के लड़के ने मेरी बेटी के साथ गलत काम किया। उसने अपने घर बुलाकर पूरी घटना को अंजाम दिया। उसके बाद किसी को बताने पर जान से मारने की बात कहकर जाने को बोल दिया। एक दिन मेरी बेटी नहा रही थी तब मैंने उसको देख लिया। मुझे उसका पेट बड़ा लग रहा था। जिसके बाद मैंने उससे पूरी बात पूछी। बहुत पूछने पर मेरी बेटी रोने लगी। उसने बताया ताई के लड़के ने उसके साथ गलत काम किया। ये बच्चा भी उसी का है।”

“इसके बाद हमने आरोपी की मम्मी को सारी बात बताई। घर में विवाद होने लगा। गांव में इस बात को लेकर एक पंचायत भी हुई। जिसके बाद आरोपी पक्ष की तरफ से समझौते की बात कही गई। हमने भी बेटी की इज्जत के लिए हां कह दी। पंचायत के बाद आरोपी की मां मेरी बेटी को साथ ले जाने के लिए कहने लगी। उसने कहा, गर्भपात कराके बेटी को वापस भेज देंगे। जब कुछ समय बीत जाएगा तब इसकी शादी कहीं कर देंगे।”

“मैंने भी अपनी बेटी को उसके साथ भेज दिया। 2 दिन सब कुछ शांत रहा। मैं अपनी बेटी से मिलने भी जाती थी। 6 अक्टूबर को भी मैं बेटी से मिली थी। उस दिन मैंने उसके गर्भपात के बारे में भी अपनी जेठानी से बात की थी। तब उसने कहा था, जल्दी ही अस्पताल चल कर करवा देंगे। लेकिन उसी रात मेरी बेटी के जलने की खबर आई। हम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे तो मेरी बेटी इधर-उधर भाग रही थी। हम लोगों ने कपड़ा डालकर किसी तरह आग पर काबू पाया। वो जमीन पर गिर गई। वो बहुत तेज-तेज चिल्ला रही थी। कुछ देर बाद वो बेहोश हो गई। मेरी बेटी की कोई गलती नहीं है। लड़की होने के कारण हम लोगों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन हम आखिरी दम तक लड़ेगें।”

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पीड़िता की हालत गंभीर है- डॉक्टर
सैफई जिला अस्पताल के डॉक्टर शैलेंद्र पीड़िता का इलाज कर रहे हैं। क्रिटिकल बर्न यूनिट में पीड़िता को एडमिट किया गया है। डॉक्टर शैलेंद्र का कहना है, पीड़िता की हालत बहुत खराब है। गर्भपात हुआ है या नहीं इसकी जानकारी हम नहीं दे सकते। पीड़िता सही से बोल भी नहीं पा रही है। उसे लिक्विड डाइट पर रखा गया है।

आरोपी की मां को गिरफ्तार किया गया है- पुलिस
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि पीड़ित की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पीड़िता को सैफई मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। पीड़िता के ताऊ के लड़के,उसकी बहन और ताई पर नाबालिग को जिंदा जलाने का आरोप है। आरोपी की मां को भी पुलिस ने अरेस्ट किया है।


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