रेप के बाद 10-20 किमी रात को जंगल में पैदल चलते थे हम…सीधी की पांच पीड़िताओं की…

रेप के बाद 10-20 किमी रात को जंगल में पैदल चलते थे हम…सीधी की पांच पीड़िताओं की…
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सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में चार दरिंदे महीनों से सीरियल रेप केस को अंजाम दे रहे थे। चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पीड़िताओं से पुलिस ने बात भी की है। यह पूरी घटना मझौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मड़वासी चौकी की है, जहां आरोपियों ने अपना ठिकाना बना रखा था। पीड़िताओं को अपने जाल में फंसाने के लिए आरोपियों ने मैजिक वॉयस एप का इस्तेमाल किया। टीम ने घटना वाली जगह पर जाकर पड़ताल की है। साथ ही शिकायत करने वाली पांच पीड़ित लड़कियों से बात की है। उनलोगों ने बताया है कि कैसे आरोपी के जाल में वे लोग फंसती गईं।

कॉलेज के नाम पर करता था फोन
दरअसल, इस मामले की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी कॉलेज के कर्मचारी और प्रोफेसर बनकर पीड़िताओं को फोन करते थे। उन्हें स्कॉलरशिप, हॉस्टल का किराया और सरकारी योजनाओं लाभ दिलवाने के नाम पर कॉल आता था। साथ ही फॉर्म भरवाने के लिए सभी दस्तावेज लेकर बुलाया जाता था। एक ठिकाने पर बुलाकर आरोपी पीड़िताओं को बाइक से सुनसान घर तक ले जाते थे और वहां रेप करते। इसके बच्चियों का मोबाइल अपने पास रखकर उन्हें जंगल में छोड़ फरार हो जाते थे। इस मामले को लेकर 4 एफआईआर दर्ज हुए हैं। जबकि पीड़िताओं संख्या 5 है। जबकि आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में 7 लड़कियों से रेप करने की घटना को स्वीकार किया है।

ऐसे रखा आरोपियों ने कदम
जानकारी के मुताबिक मुख्य आरोपी बृजेश प्रजापति सीधी जिले के नौगंवा दर्शन सिंह गांव का रहने वाला है। ये पहले सूरत में नौकरी करता था। उसी दौरान वहां काम कर रहे कर्मचारियों का मोबाइल चोरी करता था। इसके बाद जबलपुर से लगे एक मंडला जिले में फैक्टरी में काम करने लगा। इस दौरान एक हादसे में इसका हाथ जल गया था। इलाज के बाद कंपनी ने इसको मुआवजा भी दिया था, जिसको लेकर सीधी आ गया। कुछ पैसे से पत्नी जूलरी बनवाई और एक बाइक खरीदी थी।

आरोपी ने की दूसरी शादी
वहीं, पहली पत्नी से अनबन होने के कारण इसने दूसरी शादी मड़वास के रहने वाली एक महिला से की थी। अक्सर यह सीधी के घर में भी रहता था लेकिन अक्सर मड़वास ससुराल में जाना आना लगा रहता था। आए दिन शराब, चिकन और महंगे शौक इसकी खिदमत में थे। दूसरी पत्नी से भी मारपीट करता रहता था। इसकी शिकायत उसने थाने में की थी। मोबाइल चोरी करने दौरान ही मुख्य आरोपी बृजेश प्रजापति रिश्ते में लगने वाला साला लवकुश प्रजापति से दोस्ती हुई थी।

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व्हाट्सएप ग्रुप से देता था लड़कियों का नंबर
दूसरा आरोपी लवकुश प्रजापति कॉलेज का छात्रा था। वह वाट्सएप ग्रुप से लड़कियों नंबर निकालकर इसको देता था। इसने यूट्यूब के माध्यम से मैजिक वॉयस एप से महिला बनकर बड़े शातिराना ढंग से फोन करता था। वह कभी कॉलेज की महिला कर्मचारी अर्चना कभी रंजना बनकर भोली भाली छात्राओं को फोन कॉल करके स्कॉलरशिप और किराए के रूम में रहने वाली छात्राओं को किराया दिलवाने की फॉर्म सिग्नेचर करने के लिए बुलाता था।

बेटा बनकर आता था लड़कियों को लेने
इसके बाद आरोपियों में से ही कोई महिला कर्मचारी का बेटा बनकर उन्हें लेने आता था। लड़कियों को एक चौराहे पर बुलाता और वहीं से हेलमेट लगाए एक व्यक्ति बाइक लेकर पहुंचता। छात्राओं को महिला कर्मचारी अर्चना के पास मिलवाने के लिए सुनसान जगह ले जाता था। आरोपी बृजेश प्रजापति इतना शातिर था कि छात्राओं को बाइक पर बैठने के कुछ समय बाद ही एकांत जगह पर मोबाइल देखने के बहाने उनका मोबाइल लूट लेता था।

सुनसान मकान में करता था दरिंदगी
मोबाइल छीनने के बाद आरोपी पीड़िताओं को सुनसान जगह पर लेकर जाता था। इसके बाद उनके साथ दरिंदगी करता था। विरोध करने पर कुछ लड़कियों के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। लोक लाज के चक्कर में मोबाइल लूटने की कहानी बताकर मामले को लड़कियां बंद कर देती थी। वहीं, सबसे आखिरी में जिस पीड़ित छात्रा के साथ इसने दरिंदगी की, उसने इसकी जानकारी अपने माता-पिता को दी। साथ ही जिले में पदस्थ अपने कॉन्स्टेबल रिश्तेदार को भी जानकारी दी। इसके बाद मामले में केस दर्ज हुआ और जांच शुरू की गई।

बृजेश प्रजापति करता था ये काम
आरोपी बृजेश प्रजापति इतना शातिर था कि हमेशा चेहरे में हेलमेट और हाथ में ग्लब्स पहने रहता था, जिसकी चलते उसकी पहचान ना हो सके। एक पीड़ित छात्रा ने मारपीट के दौरान उसका जला हाथ देख ली। यही से मामले का पूरा खुलासा हुआ। आरोपी के पास से पुलिस ने 16 से अधिक मोबाइल जब्त किए हैं।

पीड़िता की आपबीती
बात करते हुए एक पीड़िता ने कहा कि 16 मई को एक अनजान फोन से मेरे मोबाइल में फोन आता है। हैलो कॉलेज से मैं अर्चना मैडम बोल रही हूं। आपका स्कॉलरशिप का फॉर्म है, जिसको भरना है। मैं घर में हूं इसलिए आप टिकरी आ जाओ, नहीं आओगे तो योजना से वंचित रह जाओगे। जरुरी है आना, वहां से मैं अपनी बेटे को भेजकर आपको पिकप करा लूंगा । कॉलेज मैडम के बताएं अनुसार जगह पर लड़की पहुंची। एक व्यक्ति बाइक लेकर खड़ा था अपना परिचय अर्चना मैम बेटे के रूप में दिया। मैं उसके साथ बाइक में एक पर चली कुछ दूर सुनसान जंगल में मोबाइल देखने को मांगकर रख लिया।

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10-12 किलोमीटर दूर ले जाकर एक सुनसान खपरैल मकान में पहुंचा। वहां धमकी देते हुए कहा कि मैं तुम्हें जान से मार दूंगा और मेरे साथ रेप किया। 6 किलोमीटर दूर दूसरे रास्ते बाइक से छोड़ कर फरार हो गया।
सीधी रेप केस की पीड़िता

पीड़िता ने धमकी देते हुए कहा कि मैं 10 किलोमीटर दूर अकेली चलती रही। रात 10 बजे फिर एक घर दिखा, जहां एक वृद्ध महिला परिवार के साथ रहती है। मैंने पूरी कहानी उसको बताई पीने का पानी मांगा और पिया। इसके बाद खाना खाया और घरवालों को पूरी कहानी बताई। सुबह उसी महिला के फोन से घरवालों फोन किया, तब घरवालों ने पुलिस में पदस्थ एक रिश्तेदार फोन किया। इसके बाद हमारे कॉन्स्टेबल रिश्तेदार बाइक से वहां लेने पहुंचे। मैं रात भर रुकी हुई थी फिर जाकर मैंने मझौली थाना में पहुंचकर शिकायत कराई।

अनजान नंबर से आया कॉल
दूसरी पीड़िता ने कहा कि मैं सीधी जिले की रहने वाली हूं। मेरे फोन पर एक अनजान नंबर से फोन आया। मेरे स्कॉलरशिप के लिए कॉलेज की मैडम में फोन किया था और कहा कि जाकर अपना फॉर्म में हस्ताक्षर कर दो, तुम्हारा पैसा खाते में आ जाएगा। फिर अपने लड़के को भेजा। उसने बाइक से मुझे सुनसान जगह पर ले गया। मेरा हाथ से मोबाइल छुड़ा लिया। साथ ही जोर जबरदस्ती करने लगा। इसके बाद मैं चिल्लाने लगी।

आरोपी के आंख में धूल फेंककर वहां से भागी और एक घर में पहुंचकर मैंने अपने घर में उन्हीं के फोन से यह कहानी बताई। घर वालों ने बगल वाले पड़ोसी के एक लड़के को भेजा, तब उसी के मोटरसाइकिल से मैं घर पहुंची। सामाजिक डर के चलते मैंने शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, अब मझौली थाना में शिकायत दर्ज करवाई हूं।
सीधी रेप केस की पीड़िता

तुम्हारे आवास का पैसा आया है
तीसरी पीड़िता ने कहा कि मैं कॉलेज में प्रथम बर्ष की छात्रा हूं। सिंगरौली जिले की रहने वाली हूं। 20 अप्रैल को मेरे फोन पर एक फोन आया तुम्हारे आवास का पैसा आया, तुम आकर हस्ताक्षर कर दो। तुम्हारे खाते में पैसा आ जाएगा फिर कॉलेज वाली मैडम ने अपने बेटे को बाइक से भेजा। काले कलर की बाइक लेकर हेलमेट लगाए हाथ में ग्लव्स पहने बेटा पहुंचा। मैं उसके बेटे की बाइक में सवार हो गई और वह सुनसान जगह ले जाकर मेरे साथ दो बार दुष्कर्म किया। साथ ही मेरा फोन छीन लिया।

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मेरे साथ बुरी तरह से मारपीट किया, मैं अचानक शांत हो गई तो टॉर्च जलाकर मेरे को देखने लगा। तभी मैंने उसका जला हाथ देख लिया। फिर मेरे को 5 किलोमीटर दूर छोड़कर चला गया।
सीधी रेप केस की पीड़िता

पीड़िता ने कहा कि मैं रात भर चलती रही सुबह 5:00 बजे ऑटो बैठकर अपनी मां के घर पहुंची। पूरी कहानी मां को बताई लेकिन सामाजिक मर्यादा के चलते मैं डर से पुलिस में शिकायत नहीं दर्ज कराई थी लेकिन मेरे पास के ही रहने वाली एक सहेली ने जब शिकायत दर्ज कराई तो मैं भी थाने जाकर 23 मई मामले की शिकायत की।

बुआ के घर थी तब आया फोन
चौथी पीड़िता ने बताया कि मैं सीधी जिले की रहने वाली हूं। विशेष जनजाति से आती हूं। मैं अपनी बुआ के घर में रुकी थी, मेरे फोन पर एक महिला कर्मचारी का फोन आया। कहा कि तुम्हें सरकारी योजना का लाभ दिलाना है। तुम इस योजना के लिए पात्र हो। तुमको मैं पैसा दिलवाऊंगा, तुम यहां मिलो मैं अपनी बुआ की नाबालिग लड़की को लेकर उस स्थान पर गई। वहां एक लड़का मिला जो हेलमेट लगाए हुए था। वह बाइक से मेरे को एक शार्टकट रास्ते से करीब 20 किलोमीटर दूर ले गया। जान से मारने की धमकी देकर मेरे साथ और मेरे साथ रहने वाली बुआ की लड़की से रेप किया। मेरा मोबाइल भी छुड़ाकर रख लिया।

मैं वहां से रात भर 20 किलोमीटर दूर चल कर सुबह अपनी बुआ के घर में पहुंची। सामाजिक डर से मैं पुलिस थाने में शिकायत नहीं की । छुड़ाए हुए मेरे मोबाइल से अन्य लड़कियों को भी फोन करता था। तब जाकर मैंने मझौली थाना में शिकायत दर्ज कराई।

सीधी रेप केस की पीड़िता

गौरतलब है कि इस मामले में एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही डीएनए टेस्ट भी करवाया है। पीड़िताओं के सामने आरोपियों का परेड भी करवाया गया है।


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