पहले 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और फिर बिहार में धांय-धांय-धांय! प्यार,मोक्ष और कत्ल

पहले 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और फिर बिहार में धांय-धांय-धांय! प्यार,मोक्ष और कत्ल
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बिहार। एक लड़का हाथ में बंदूक लिए आगे बढ़ा और फिर धांय-धांय-धांय गोलियां बरसानी शुरू कर दी। उसके निशाने पर था एक परिवार। परिवार के हर सदस्य की की तरफ वो गोलियां चला रहा था,मकसद था सबको मार डालना, लेकिन क्यों? आस पास भगदड़ मच गई। छठ का त्यौहार मनाया जा रहा था। सूरज को अर्घ्य देकर ये परिवार लौट रहा था। गोलियां चली तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। कौन था ये लड़का आखिर क्यों इसने छठ मना रहे परिवार को अपना निशाना बनाया।

प्यार,मोक्ष और फिर 3 हत्याएं
बिहार के लखीसराय की ये घटना दिल दहला देने वाली थी। यहां रहने वाले झा परिवार के दो बेटों और एक बेटी की मौत हो गई थी। पुलिस ने अब जांच शुरू की। परिवारवालों ने एक लड़के पर इस हत्याकांड के आरोप लगाए। इस लड़के का नाम था आशीष चौधरी। परिवारवालों ने बताया कि उनकी बेटी से शादी करना चाहता था, लेकिन जब बेटी ने मना कर दिया तो इसने ये कदम उठाए।

कातिल की डायरी से मिले कई अहम सुराग
जांच शुरू हुई तो कहानी और भी खतरनाक निकली। पुलिस के हाथ आशीष की एक डायरी लगी और इस डायरी से खुले कई ऐसे राज जिन्हें जानकर हर कोई हैरान रह गया। आशीष चौधरी के घर से जो डायरी मिली वो बयां कर रही थी,प्यार,मोक्ष और कत्ल की पूरी कहानी। कातिल की डायरी जिसने केस के उन अनछुए पहलुओं को सामने ला दिया जो शायद कभी सामने न आ पाते।

प्यार से शुरू कहानी क्यों पहुंची हत्या तक?
इस डायरी की शुरुआत होती है प्यार से। प्यार जिसका जिक्र आशीष ने किया था। आशीष झा परिवार की एक बेटी दुर्गा से प्यार करता था। वो लड़की भी इससे प्यार करती थी और दोनों परिवार से अलग पटना में एक साथ लिव इन रिलेशन में रहने लगे थे। दोनों पटना में करीब तीन साल तक साथ रहे। एक दूसरे के साथ प्यार मोहब्बत की कसमें खाई। यहां आशीष ने दुर्गा को एक नौकरी भी दिला दी,लेकिन कुछ समय बाद ही दोनों के प्यार की तस्वीर बदल गई।

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लड़का बना कातिल?
इस डायरी के मुताबिक दुर्गा की जिंदगी में एक दूसरा लड़का आ गया और ये बात आशीष को पता लग चुकी थी। दुर्गा आशीष को छोड़कर वापस लखीसराय लौट गई। अब दुर्गा ने आशीष से बात करना भी बंद कर दिया था। इस बात से आशीष बेहद परेशान था। बात यहां भी खत्म नहीं हुई। आशीष ने अपनी डायरी में लिखा था कि दुर्गा के परिवार वाले उसे और उसके परिवार वालों को धमकाने लगे। उनके घर में आकर तोड़फोड़ करने लगे। इस बात से वो काफी परेशान था। आशीष ने डायरी में लिखा कि वो सुसाइड करना चाहता था,लेकिन उसे लगा कि वो ऐसा करेगा तो लोग उसे गलत समझेंगे।

कत्ल से पहले किए 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन
इस घटना से आशीष बेहद परेशान था। उसने खुद को शांत करने के लिए 12 ज्योतिर्लिंग की यात्रा भी की, लेकिन उसके बावजूद दुर्गा ने चो धोखा उसे दिया था वो उससे उबर नहीं पाया और फिर उसने फैसला किया दुर्गा को सबक सिखाने का। बदले की आग में वो जल रहा था और इसके लिए इसने चुना बिहार के बड़े पर्व छठ का दिन। दुर्गा का परिवार सूरज को अर्घ्य देकर लौट रहा था तभी आशीष ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। प्यार से शुरू ये कहानी 4 हत्याओं पर जाकर खत्म हुई।


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