खेतों में काम करने से लेकर चीन का राष्ट्रपति बनने तक, चिनफिंग के शिखर पर पहुंचने की कहानी

खेतों में काम करने से लेकर चीन का राष्ट्रपति बनने तक, चिनफिंग के शिखर पर पहुंचने की कहानी

बीजिंग | चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में शामिल हैं। शी आज लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बने हैं। चीन आज जिस मुकाम पर पहुंचा है और अमेरिका जैसे देश को आंख दिखाने के काबिल हुआ है, उसके पीछे चिनफिंग का ही हाथ है। चीन की सत्ता के शिखर पर पहुंचे चिनफिंग की कहानी भी काफी दिलचस्प और संघर्ष भरी है। आइए, जानें आखिर कैसे शी चिनफिंग चीन के सबसे ताकतवर नेता बने…

शहर छोड़कर गांव में रहने को मजबूर शी
शी चिनफिंग का जन्म 15 जून 1953 में बीजिंग में हुआ था। उनके पिता का नाम शी झोंगशुन हैं जो कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारी रहे और 1949 में उसे सत्ता में लाने वाले गृह युद्ध के गुरिल्ला कमांडर थे।

चिनफिंग के संघर्ष की कहानी उस समय शुरू हुई जब राष्ट्रपति माओ ने एक फरमान जारी किया कि देश के लाखों युवाओं को शहर छोड़कर गांव में रहना होगा। माओ का कहना था कि युवाओं को किसानों और मजदूरों के साथ रहकर ही ये सीख मिलेगी कि कैसे मुश्किलों का सामना किया जा सकता है।

गुफाओं में बिताए कई साल
शी ने इस दौरान लियांगजिआहे के गांव की गुफाओं में कई साल बिताए और खेतों में भी काम किया। शी आज भी कहते हैं कि उन्होंने जो कुछ भी सीखा वो उन दिनों में ही सीखा। शी जब लियांगजिआहे गए थे तो वे 15 साल के थे और वहीं से उनके अंदर एक बड़े लीडर की नीव पड़ी।

ईंटों के बिस्तर पर सोते थे शी
शी उन दिनों जब गुफाओं में रहते थे तो वे ईंटों के बिस्तर पर तीन लोगों के साथ सोते थे। जहां वे रहते थे, वहां कीड़े मकोड़े होते और उन्हें केवल ब्रेड और सूखी सब्जी खाने को मिलती।

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13 साल में ही छूट गई थी पढ़ाई
शी ने एक इंटरव्यू में बताया है कि उनकी पढ़ाई 13 साल की ऊम्र में ही छूट गई थी, क्योंकि कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष माओ ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर जुल्म ढाना शुरू कर दिया था, जिसके चलते उसके पिता को भी जेल जाना पड़ा। वहीं, इस दौरान शी की बहन की जान चले गई। हालांकि, शी चिनफिंग ने अपनी पढ़ाई दौबारा शुरू की और 1975 में केमिकल इंजीनियरिंग के लिए बीजिंग लौटे।

1982 में कम्युनिस्ट पार्टी में एंट्री
शी की राजनीति में एंट्री उस समय हुई जब वे 1982 में बीजिंग के दक्षिण में झेंगदिंग काउंटी में पार्टी के उप नेता और फिर नेता बने। इसके बाद शी ने राजनीति के अपने सफर में पीछे मुड़कर नहीं देखा। शी 1985 में शियामेन शहर के उपमेयर भी बने।

1987 में की शादी
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की गायन मंडली की लोकप्रिय गायक पेंग लियुआन से शी चिनफिंग से शादी की। बता दें कि शी ने 1979 में पहली शादी की थी जो केवल 3 साल ही टिक सकी।

2002 से 2008 के बीच उपराष्ट्रपति का सफर तय
शी चिनफिंग को 2002 में झेजियांग प्रांत का पार्टी प्रमुख बनाया गया। इसके बाद उन्हें 2007 में कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व वाले पोलित ब्यूरो के स्थायी समिति का सदस्य बनाया गया। 2008 में वह उपराष्ट्रपति नामित किए गए।

2012 से चीन में शी का दौर शुरू
शी ने 2012 में कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव के तौर पर जिम्मेवारी संभाली और उसके एक साल बाद 2013 में वह चीन के राष्ट्रपति बने। यहीं से शी का वर्चस्व चीन में बढ़ता गया और आज वह राष्ट्रपति के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल शुरू कर रहे हैं।

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