विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जिंतेंद्र सिंह बिसेन को वाराणसी पुलिस ने नोटिस जारी किया

विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जिंतेंद्र सिंह बिसेन को वाराणसी पुलिस ने नोटिस जारी किया
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वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञानवापी में श्रृंगार गौरी मामले के सभी केस सौंपने की तैयारी कर रहे विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन को पुलिस ने नोटिस दिया है। वाराणसी के चौक थाना के प्रभारी ने जितेंद्र सिंह बिसेन के खिलाफ नोटिस जारी किया है। जितेंद्र ने श्रृंगार गौरी मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ को मुख्य पक्षकार बनाने की तैयारी के क्रम में पॉवर ऑफ अटॉर्नी भी देने का दावा किया है। जितेंद्र सिंह ने चौक थाना ने तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है।

ज्ञानवापी से जुड़े मुकदमों को मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बयान पर चौक पुलिस ने विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन से स्पष्टीकरण मांगा है। थाना प्रभारी की ओर से उनको जारी नोटिस में कहा गया कि तीन दिन में जवाब नहीं देने पर कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में कहा गया है कि समचार प्रत्रों में आपके माध्यम से यह समाचार प्रमुखता से प्रकाशित कराया गया है कि ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े वो मुकदमें जिसमें स्वयं या संघ से जुड़े लोग मुख्य पक्षकार है उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप देंगे। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया चल रही है और 15 नवम्बर 2022 तक मुख्यमंत्री को पावर आफ अटार्नी सौंप दिया जाएगा।

न्यायालय के समक्ष लंबित उपरोक्त वादों में अन्य पक्षकारों के अतिरिक्त जिलाधिकारी वाराणसी, पुलिस कमिश्नर वाराणसी व शासन भी बतौर पक्षकार नामित हैं। समाचार पत्रों में छपे समाचार से किसी भी स्तर पर यह परिलक्षित नहीं हो रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा वादी पक्ष के साथ पक्षकार बनने हेतु अपनी सहमति प्रदान की गयी है। आप द्वारा यह भ्रामक व आधारहीन सूचना प्रसारित कर जन सामान्य में भ्रम व अविश्वास की स्थिति पैदा की गयी है।

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जिन वादों में प्रशासन, पुलिस के स्थानीय अधिकारी बतौर प्रतिवादी नामित है उसी वाद में उनके विरूद्ध मुख्यमंत्री जी को किस आधार पर पक्षकार बनाये जाने की आधारहीन सूचना आप द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचारित की जा रही है। साथ ही निर्देशित किया गया है कि पत्र की प्राप्ति के तीन दिन में लिखित तथ्यों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में एसीपी दशाश्वेध अवधेश कुमार पांडेय का कहना है कि जितेंद्र सिंह विसेन को नोटिस जारी किया गया है। वहीं जितेंद्र सिंह विसेन का कहना है कि समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा। चौक थाना प्रभारी के खिलाफ धार्मिक भवानाएं आहत करने व न्यायालय की अवलेहना आदि कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराएंगे।

ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े हुए सभी मुकदमे जो विश्व वैदिक सनातन संघ के द्वारा संचालित हैं। उनकी पावर ऑफ अटॉर्नी योगी आदित्यनाथ जी महाराज को अति शीघ्र सौंपी जाएगी। यह कहना है विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन का।

उनका कहना है कि हमारे द्वारा 29 अक्टूबर 2022 को यह घोषणा की गई थी कि उपरोक्त विषय में सभी तरह की लीगल फार्मेलिटीज 15 नवंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। वर्तमान परिस्थितियों का अवलोकन करने के उपरांत मेरे द्वारा यह निर्णय लिया गया है, की इस कार्यवाही को अति शीघ्र पूरा किया जाए। अतः है मेरे द्वारा हमारी लीगल टीम को निर्देश दे दिया गया है, कि उपरोक्त कार्यवाही दो दिन के अंदर पूरी करें।

स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ज्ञानवापी के बहाने देश विरोधी शक्तियां देश में सांप्रदायिक दंगे करवाकर देश को क्षति पहुंचाना चाह रही हैं। उनके इस षड्यंत्र में मैं बहुत बड़ी बाधा बन चुका हूं। इस कारण मैं और मेरा परिवार उन लोगों के निशाने पर हैं।

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मेरी व मेरे परिवार की कभी भी किसी हत्या करवाई जा सकती है। यदि ऐसा हो गया तो ज्ञानवापी प्रकरण में कई प्रकार से बाधा उत्पन्न हो जाएगी। ऐसे में मेरे लिए अति आवश्यक हो जाता है कि उपरोक्त विषय की सुरक्षा हेतु उचित उपाय करूं।

बहुत विचार करने के बाद ही इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि उपरोक्त सभी मामलों की पावर आफ अटार्नी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने से उपरोक्त विषय पूर्ण रूप से सुरक्षित हो जाएगा क्योंकि आज संपूर्ण भारतवर्ष में हिंदुत्व वह देश के लिए पूर्ण रूप से समर्पित होकर कार्य करने वाला व्यक्ति मेरी दृष्टि में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त कोई नहीं है।

स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमारे द्वारा यह सभी पावर आफ अटार्नी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नहीं सौंपी जा रही बल्कि गौ रक्षा पीठ की महंत योगी आदित्यनाथ जी महाराज को सौंपी जा रही हैं। मेरी व मेरे परिवार की हत्या की जा सकती है। ऐसे में इस कार्यवाही को तत्काल करना अति आवश्यक हो जाता है।

इस विषय में कई बार शासन और प्रशासन को अवगत करवाया है किंतु शासन-प्रशासन के द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ऐसा इसलिए है कि देश विरोधी शक्तियों के साथ शासन-प्रशासन के कुछ अधिकारी मिले हुए हैं। जिनका उद्देश्य देश की शांति व्यवस्था को भंग करना है। बता देना चाहता हूं 15 दिनों से मैं और मेरा परिवार एक प्रकार से समाज से छुप कर रह रहा है। क्योंकि हमें यह जानकारी प्राप्त हो चुकी है कि हमारी कभी भी हत्या करवाई जा सकती है।

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